
निर्जला एकादशी पर छोटीकाशी में बहेगी दान-पुण्य की बयार, होंगे विशेष कार्यक्रम
अश्विनी भदौरिया / जयपुर। निर्जला एकादशी के पर्व पर शनिवार को छोटीकाशी भक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आएगी। इस दिन श्रद्धालु निर्जल व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे और दान-पुण्य का दौर भी चलेगा। शहर के देवालयों में ठाकुरजी की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही जलविहार की झांकियां भी सजाई जाएंगी।
हिन्दू धर्मग्रंथों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन जल कुंभ, रसीले फलों के साथ ही ठंडी तासीर के पकवान ठाकुरजी को अर्पित करने का विधान है। इस दिन शहर में दान-पुण्य की भी बयार बहती नजर आएगी। लोग बाजारों में जगह-जगह लोगों को गर्मी से राहत के लिए ठंडे पानी, शर्बत, नींबू की शिकंजी, ठंडाई आदि का वितरण का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
आराध्य देव गोविन्द देवजी सहित पुरानी बस्ती के गोपीनाथजी, चौड़ा रास्ता के राधा दामोदरजी, चांदनी चौक के आनन्दकृष्ण बिहारीजी सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी चहल-पहल दिखाई देगी। श्रद्धालु मंदिरों में अपने आराध्य देव के दर्शन कर ठाकुरजी को आम, तरबूज, खरबूजा, शर्बत सहित ठंडी तासीर के फल अर्पित करेंगे। आराध्य देव के दर्शन कर घर-परिवार के लिए खुशहाली की कामना की जाएगी।
सजेगी जल विहार की झांकी
निर्जला एकादशी के मौके पर आराध्य देव गोविन्द देवजी मंदिर में जल यात्रा उत्सव के तहत जलविहार की झांकी सजाई जाएगी। शाम को ग्वाल झांकी के दौरान 5.45 से 6.15 बजे तक जलविहार की झांकी सजाई जाएगी। ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए गर्भग्रह में फव्वारे लगाए जाएंगे। ठाकुरजी को सूती धवल पोशाक धारण करा ऋतुपुष्पों से मनोहारी श्रृंगार सजाया जाएगा। इस दौरान गोविन्द देवजी को रसीले फलों का भोग अर्पित किया जाएगा।
लगेगी हजारों छबील
निर्जला एकादशी के अवसर पर शहर में जगह-जगह अस्थायी प्याऊ लगार्इ् जाएगी। जहां गर्मी से राहत देने के लिए लोगों को ठंडे पानी के साथ शर्बत, नींबू की शिकंजी, ठंडाई आदि का वितरण का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
Published on:
22 Jun 2018 05:25 pm
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