25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ओवरलोड गोशाला: बाड़ों में कैद गोवंश, 2300 बीघा भूमि अब भी खाली

हिंगोनिया गोशाला में जो शेड्स बने हैं, उनमें मानक के अनुरूप 12 हजार गोवंश ही रखा जा सकता है, लेकिन यहां अभी 15 हजार से अधिक गोवंश रह रहा है। यहां अधिकतर बाड़ों में गोवंश कैद होकर रह गया है। जबकि, गोशाला की 2300 बीघा जमीन खाली पड़ी है। दोनों ही निगम की लापरवाही से इस जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।

2 min read
Google source verification
ओवरलोड गोशाला: बाड़ों में कैद गोवंश, 2300 बीघा भूमि अब भी खाली

ओवरलोड गोशाला: बाड़ों में कैद गोवंश, 2300 बीघा भूमि अब भी खाली

अश्विनी भदौरिया.जयपुर. राज्य की सबसे बड़ी हिंगोनिया गोशाला गोवंश के कारण ओवरलोड है। यहां जो शेड्स बने हैं, उनमें मानक के अनुरूप 12 हजार गोवंश ही रखा जा सकता है, लेकिन यहां अभी 15 हजार से अधिक गोवंश रह रहा है। यहां अधिकतर बाड़ों में गोवंश कैद होकर रह गया है। जबकि, गोशाला की 2300 बीघा जमीन खाली पड़ी है। दोनों ही निगम की लापरवाही से इस जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि हैरिटेज नगर निगम और ग्रेटर नगर निगम इस जमीन पर बाउंड्री या तारबंदी करवा दें तो गायें बाड़ों से निकलकर घूम सकेंगी।

दरअसल, अब तक तो मानकों के अनुरूप यहां गोवंश रहा, लेकिन लम्पी त्वचा रोग के आने से यहां गोवंश की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी वजह से इसके विस्तार की भी जरूरत महसूस की जा रही है।

छायादार क्षेत्र खुला क्षेत्र (वर्ग मीटर)

गाय 3.5 7.0

बैल 12 120

(पशुपालन विभाग के मानकों के अनुसार)

ये है गोशाला की स्थिति

-54 बाड़े बने हैं गोशाला परिसर में

-41969 वर्ग मीटर छायादार क्षेत्र है इन बाड़ों में

100 बीघा को कर रहे विकसित

-श्री बलराम सेवा ट्रस्ट ने करीब 100 बीघा जमीन को विकसित करना शुरू किया है। यहां पौधे लगाए गए हैं और पानी का भी इंतजाम किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ दिन बाद गायों को इस हिस्से में छोड़ा जाएगा ताकि वे आराम से घूम सकें।

-करीब 900 बीघा में अमरीका की एक कम्पनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 10 लाख पौधे लगाना चाहती है। दो माह पहले ग्रेटर निगम को इसका प्रारूप बनाकर दे दिया। लेकिन, अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। जबकि, पांच वर्ष इन पौधों की देखरेख भी यही कम्पनी करेगी।