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होली के रंगों से आपको है ‘एलर्जी‘ तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान, नहीं काटने पड़ेंगे अस्पताल के चक्कर

होली खेले, पर संभल कर। खासतौर से जिसे एलर्जी है वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Mar 19, 2019

holi

जयपुर।

होली (Holi 2019) की मस्ती में लोग अक्सर ये भूल जाते हैं कि कई बार खराब रंगों के कारण उनकी स्कीन खराब हो सकती है। कई लोगों को इन रंगों से इस कदर एलर्जी होती है कि थोड़ा सा भी रंग लग जाए तो अस्पताल के चक्कर काटने पड़ जाते हैं। युवा और बच्चों में एक दूसरे को गुलाल सहित पक्के रंग लगाने का क्रेज रहता है। इसका स्कीन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए होली खेले, पर संभल कर। खासतौर से जिसे एलर्जी है वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

होली खेलने से पहले जरूर कर लें ये काम (Holi Colours Allergy Tips)

- होली खेलते समय आंखों का विशेष ध्यान रखें। आप कॉन्टैक्ट लेंस लगाते हैं तो इसे निकल कर ही होली खेलें। आंखों में कलर चला जाए तो सामान्य पानी से आंखों को घोएं। अगर आंखों में जलन हो रही है तो गुलाब जल डाल सकते हैं।

- अगर किसी के नाखून अधिक बढ़ें हैं तो काट लें क्योंकि इनमें कैमिकल जम सकते हैं। इससे भी रिएक्शन हो सकता है। कोशिश करें कि पूरी अस्तीन के कपड़ें पहनें, इससे बचाव होगा।

- बालों को रंगों से बचाएं। होली खेलते समय सिर पर कैप लगा लें या कपड़ा बांधकर रखें। पक्के रंग हेयर डाई जैसे होते हैं इनसे अधिक एलर्जी की आशंका रहती है। तेल लगाने के बाद रंग और पानी का असर कम होता है।

- अस्थमा के रोगियों को होली पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कैमिकल और गुलाल के पाउडर से अस्थमा की समस्या ज्यादा बढ़ती है। इसलिए इनसे बचना ही बेहतर है।

- होली खेलने से पहले शरीर की सरसों के तेल से मालिश कर लें इसके बाद ही होली खेले। तेल लगाने के बाद रंग और पानी का असर कम होता है।

- होली खेलने से पहले चेहरे पर सनस्क्रीन लगा भी लगा सकते हैं। इसके साथ ही बीच-बीच में पानी भी पीते रहें, शरीर हाइड्रेट रहेंगे। त्वचा सही रहती है।

रंग की एलर्जी को ऐसे पहचानें (Identify Allergens)
होली खेलने के बाद अगर अपको छींके आना, नाक से पानी निकलना या नाक का बंद होना, आंखों का लाल होना या आंखों में खुजली होना, सांस लेने में कठिनाई होना या सीटी की आवाज आना, त्वचा पर लाल चकत्ते पडऩा आदि समस्याएं हो रही है तो तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।