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होलाष्टक की अवधि में आठ ग्रह रहेंगे उग्र, शुभ कार्य करने से बचे, नहीं तो होगा नुकसान

Holi Festival 2024: मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए पूर्णतया वर्जित माने जाने वाले होलाष्टक की शुरुआत होली से आठ दिन पूर्व रविवार को सूर्योदय के साथ होगी।

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Holi Festival 2024: मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए पूर्णतया वर्जित माने जाने वाले होलाष्टक की शुरुआत होली से आठ दिन पूर्व रविवार को सूर्योदय के साथ होगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक इस बार होलाष्टक आठ के बजाय नौ दिन के होंगे। ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि होलाष्टक में त्रयोदशी की तिथि (22 और 23 मार्च) की वृद्धि होने से यह बदलाव हुआ है। होलाष्टक का समापन 25 मार्च को होगा।

मान्यता है कि इन आठ दिनों में भक्त प्रहलाद को हिरण्यकश्यप ने यातनाएं दी थी। शर्मा ने बताया कि इस अवधि में ग्रह उग्र होने के चलते वे शुभ कार्यों के लिए बाधक बनते हैं।

अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को बृहस्पति, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल, पूर्णिमा को राहु ग्रह उग्र रूप लिए हुए रहते हैं। इस कारण इस अवधि में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु की आराधना करना विशेष फलदायी व विभिन्न कथाओं का श्रवण करना शुभ रहेगा। एकादशी का व्रत 20 मार्च को, 24 को होली और 25 को धुलंडी का पर्व रहेगा।


होली में करीब आठ दिन शेष हैं। राजधानी की फैक्ट्रियों में गुलाल बनने के बाद इसे राजधानी के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा है। उधर, कारोबारियों को लोकसभा चुनाव के लिए भी गुलाल के ऑर्डर मिले हैं।

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इसलिए है हानिकारक

ज्योर्तिविद पं.घनश्याम लाल स्वर्णकार के मुताबिक इस अवधि में ऋतु परिवर्तन के साथ ही खगोलीय मंडल में भी कई बदलाव होते हैं। वातावरण में हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। गर्मी बढ़ने से इस मौसम में शरीर पर सूर्य की पराबैंगनी किरणें विपरीत असर डालती हैं। होलिका दहन पर जो अग्नि निकलती है वो शरीर के साथ साथ आसपास के बैक्टीरिया और नकारात्मक ऊर्जा को भी खत्म कर देती है। ज्योतिषाचार्य पं.राजेंद्र शर्मा और घनश्याम शर्मा ने बताया कि होलाष्टक की अवधि में नए घर में प्रवेश, शादी व मुंडन सहित अन्य मांगलिक कार्य न करें।