
जयपुर में होलिका दहन की परंपरा आज भी रियासतकाल की तरह ही निभाई जाती है। होलिका दहन सबसे पहले जयपुर के पूर्व राजघराने में किया जाता है उसके बाद पूरे शहर में होलिका दहन होता है। होलिका दहन करते पूर्व राजपरिवार के पद्मनाभ सिंह। सभी फोटो - दिनेश डाबी
राजस्थान की राजधानी जयपुर में होली का विशेष महत्व है। यहां होलिका दहन की परंपरा आज भी रियासतकाल की तरह ही निभाई जाती है। जयपुर में होलिका दहन का मुख्य कार्यक्रम सिटी पैलेस में होता है। सबसे पहले जयपुर के पूर्व राजघराने में होलिका दहन किया जाता है उसके बाद पूरे शहर में होलिका दहन होता है। सिटी पैलेस में पूर्व राजपरिवार के द्वारा होलिका दहन किया जाता है फिर लोग होलिका से लौ को लेकर शहर में जगह-जगह होलिका दहन करते हैं। यहां होने वाला होलिका दहन पूरे पारंपरिक तरीके से जाता है। होली का दहन समारोह में पूर्व राज परिवार के सभी सदस्य शामिल हुए। अबीर गुलाल से सजी होलिका के दहन के बाद लोगों ने फेरी लगा कर ईश्वर से मनोकामनाएं मांगी। आइए देखते हैं जयपुर के सिटी पैलेस के शाही अंदाज में होलिका दहन के नजारे...
पीढिय़ां बदलीं, मान्यता वही...
परकोटा में होलिका दहन की शुरुआत सिटी पैलेस से होती है। पीढिय़ा बदल गईं, लेकिन मान्यता आज भी वही है। यहां परकोटा के मोहल्लों से लोग इक_े होते हैं। पूर्व राजपरिवार के सदस्य पूजा-पाठ करने के बाद होलिका दहन करते हैं। इसके बाद से यहां मौजूद लोग उस आग में डंडा जलाकर भागते हैं। ये लोग अपने मोहल्ले में रखी होली में आग लगाते हैं। यह दृश्य सालों से ऐसा ही चला आ रहा है।
सभी फोटो - दिनेश डाबी
Published on:
21 Mar 2019 03:48 pm
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