
देश के चिकित्सा क्षेत्र में गुलाबीनगर से नया प्रयोग शुरू होगा। शहर के वैशालीनगर में ऐसा अस्पताल बनेगा, जहां मरीज की स्थिति के साथ उसकी जन्म कुंडली भी देखी जाएगी। ग्रह-नक्षत्रों की चाल और ज्योतिषीय गणना की मदद से उसका इलाज किया जाएगा।
वैशालीनगर स्थित भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान जन सहयोग से यह अस्पताल बनवाएगा, जिसकी नींव अगले महीने रखी जाएगी।
संस्थान सचिव पंडित अखिलेश शर्मा ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय मरीज की जन्म कुंडली मांगी जाएगी। वह नहीं होने पर प्रश्न कुंडली बनाई जाएगी। कुंडली के आधार पर रोग और स्थिति का अनुमान लगाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि गत वर्ष अप्रैल में संस्थान में मेडिकल और ज्योतिष को लेकर रिसर्च भी शुरू हुआ था। इसमें डॉक्टरों की टीम और ज्योतिषाचार्यों ने कुंडलियों पर अध्ययन किया। छह महीने तक अध्ययन के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। रिसर्च का दूसरा चरण कुछ दिन बाद शुरू होगा।
ये है अस्पताल का खाका
- 1.32 लाख रुपए अनुमानित लागत
- 04 मंजिला होगी इमारत, जहां 40 बेड की सुविधा
- 05 आयुर्वेदाचार्य चिकित्सक, 05 एलौपैथिक डॉक्टर
- 10 ज्योतिर्विद और अन्य स्टाफ
Published on:
30 May 2017 09:47 am
