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कैसे आए पर्यावरण चेतना ! 12 साल से केन्द्र पर ताला

वनविभाग के अधिकारी नहीं ले रहे सुध
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jaipur news

कैसे आए पर्यावरण चेतना ! 12 साल से केन्द्र पर ताला

जयपुर. बच्चों और आमजन को पर्यावरण की जानकारी देने के उद्देश्य से सी-स्कीम स्थित अशोक विहार पार्क में बनाए गए पर्यावरण चेतना केंद्र पर बारह साल से ताले लगे हुए हैं। इससे पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी नहीं हो पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस केंद्र में पर्यावरण और वन्यजीवों से संबंधित बच्चों को दी जाने वाली सभी तरह की जानकारियां उपलब्ध हैं। साथ ही पेड़-पौधों व फूलों के नाम, पक्षियों की डमी के माध्यम से उनकी पहचान करवाना आदि शामिल है। 12 वर्ष पहले बंद हुए इस केंद्र को लेकर अब भी प्रशासन नहीं चेत रहा है। केंद्र की स्थापना 21 मार्च 1988 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर ने की थी।

बच्चों को दिखाते थे फिल्म

वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि केंद्र में आने वाले बच्चों को सप्ताह में एक दिन पर्यावरण से संबंधित एवं वन्य जीवों पर आधारित फिल्में दिखाई जाती थी। बच्चों के लिए कई प्रकार की चित्रकला व अन्य प्रतियोगिताएं भी होती थी।


विभाग के अधिकारी ही अनजान

अशोक विहार पार्क में बने इस चेतना केंद्र के बारे में विभाग के अधिकारियों के पास पर्याप्त जानकारी ही नहीं है। जब विभाग के अधिकारियों को इस जगह के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि लोगों में पर्यावरण की जानकारी और जागरुकता फैलाने के लिए बनाए गए इस केंद्र के मेंटीनेंस के साथ इसे दोबारा खोलने का प्रयास कर रहे हैं।

खराब होने लगा सामान

बारह साल से बंद पडे चेतना केंद्र में पर्यावरण की जानकारी से संबंधित रखे सामान अब देखभाल के अभाव में खराब होने लगे हैं। इसके अंदर अनेक पक्षियों की डमियां रखी हुई हैं, जिनकी सारसंभाल न हो पाने से ये सब खराब होने के कगार पर हैं। अधूरी जानकारी के अभाव में एक तरफ प्रशासन इस केंद्र को पुुन: शुरू करने की बात कह रहा है। वहीं दूसरी तरफ इसमें रखे सामान की देखभाल के लिए अभी तक किसी कर्मचारी को नियुक्त नहीं किया है। हैरानी की बात है कि चेतना केंद्र के पास ही वन विभाग के अधिकारियों का आॅफिस है और कई कर्मचारी यहां लगे हुए हैं। ऐसे में प्रशासन चेतना केंद्र को उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आने की बात कहकर देखभाल से बचता नजर आ रहा है।