
UPSC Success Stories: राजस्थान की चर्चित महिला आईपीएस अधिकारी ममता गुप्ता की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।हाल ही में भजन लाल सरकार ने उनको एक नहीं दो जिलों में एसपी बनाया है। ममता का जन्म सीकर जिले में हुआ, लेकिन उनके पिता की नौकरी के कारण उनकी पढ़ाई जयपुर में हुई। उन्होंने एमएनआईटी से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक की डिग्री हासिल की। ममता ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में चीफ डिजाइनर के रूप में कार्य करना शुरू किया।
आईपीएस बनना था लेकिन जॉब नहीं छोड़ना चाहती थीं
हालांकि, उनके मन में आईपीएस बनने का सपना था। ममता ने अपनी जॉब के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी जारी रखी। वह सुबह 5 बजे से 9 बजे तक पढ़ाई करती थीं और फिर नौ से पांच बजे तक का समय ऑफिस को देतीं। शाम को ऑफिस से लौटने के बाद भी पढ़ाई करती थीं। शनिवार और रविवार को वह अपनी पढ़ाई में पूरी तरह से जुट जाती थीं। उनका मानना है कि सिविल सर्विसेज में सफलता की दर कम है, इसलिए जॉब छोड़ना सही नहीं था।
महिला हो या पुरुष अवसर सभी के लिए समान….
ममता गुप्ता ने पुलिस में काम करते हुए कभी भी महिला होने के कारण किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं किया। उनका कहना है कि सरकार सभी अधिकारियों को समान संसाधन और समर्थन देती है, जिससे वे अपने कार्यों को सुचारु रूप से कर सकें। हालांकि, परिवार में माँ के रोल को निभाते समय कभी-कभी चुनौतियाँ आ सकती हैंए लेकिन परिवार का सहयोग हमेशा मददगार रहा।
युवाओं को सलाह, मेहनत करें… उसका कोई विकल्प नहीं…
युवाओं के लिए ममता की सलाह है कि पढ़ाई पूरी मेहनत से करें। चाहे परिस्थिति कैसी भी हों, अगर आपके अंदर पढ़ने की चाहत है, तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता। ममता गुप्ता आज राजस्थान की तेजतर्रार महिला आईपीएस अफसरों में से एक हैं, लेकिन वे सोशल मीडिया से दूर रहना पसंद करती हैं। वे करौली की एसपी थीं, हाल ही में सरकार ने उन्हें सवाई माधोपुर जिले का एसपी पद सौंपा है, गंगापुर सिटी जिले के एसपी पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ…।
Published on:
23 Sept 2024 11:43 am
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