
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/भोपालगढ़। कहते हैं कि कोई व्यक्ति अपनी हिम्मत व हौसले के बल पर कुछ भी ठान लेता है, तो उसे अपने काम में सफलता जरूर मिलती है और वह अपने इसी हौसले से कठिन से कठिन काम को भी आसान बना लेता है। कुछ ऐसे ही हौसले के बल पर अनूठा काम कर दिखाया है भोपालगढ़ क्षेत्र के खेड़ापा निवासी युवा किसान महेंद्र टाक ने। जिसने अपने हौसले के बल पर मारवाड़ में असंभव सी लगने वाली अंगूर की बेलों को न केवल ढाई-तीन साल की मेहनत से अपने घर के आंगन में पनपाने में सफलता हासिल की है। इन दिनों अंगूर की बेलों पर कच्चे फल भी लगने लगे हैं और अंगूर के कई गुच्छे लगे हुए नजर आने लगे हैं।
कोरोनाकाल में आया था विचार:
युवा किसान टाक ने कोविड काल में यूट्यूब पर देखकर घर के गमलों में ही अंगूर की बेलें लगाने का अनूठा काम कर दिखाया है। कोरोना के खाली समय में अपने घर के आगेे खुलेे चौक में स्वादिष्ट अंगूर उगाने की सोची और इसके लिए जोधपुर से अच्छी किस्म के अंगूर के बेलों की पौध मंगवाकर गमलों में लगाई। समय के साथ यूट्यूब पर देख-देखकर इनकी अच्छी तरह से सार-संभाल व देख-रेख भी की और धीरे-धीरे ये बेलें पनपने भी लगी। आखिरकार टाक की मेहनत रंग लाई और ये बेलें न केवल पूरे घर के आंगन में फैलने से अच्छी छाया मिलने लगी, बल्कि अब इन बेलों पर अगूंरो के कच्चे फलों के गुच्छे भी लगने लगे हैं। बेलों से करीब क्विंटल भर अंगूर की पैदावार होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
नर्सरी से करें अच्छी पौध का चुनाव:
इस संबंध में कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मारवाड़ में कई जगह जमीन व पानी का अच्छा मेल है और इसमें थोड़ी सी मेहनत व अच्छी देखभाल की जाए तो कोई भी खेती की जा सकती है। बशर्ते उस फसल के लिए अनुकूल मौसम मिलता रहे। इसी तरह यहां अंगूर की बेलों को भी उगाया जा सकता है। इसके लिए अंगूर के बेलों को अच्छी किस्म की पौध अथवा कलम व बीज दोनों से उगाया जा सकता है। लेकिन इस तकनीक से लताओं में फल आने में काफी समय लगता है। ऐसे में जल्दी फल लाने के लिए नर्सरी से चुनिंदा किस्मों की एवं मौसम के अनुकूल रहने वाली पौध लेकर लगाना सही रहता है। नर्सरी से लाए गए पौधे की अच्छी तरह से देखभाल की जाए, तो ढाई-तीन वर्षों में लताओं में फल आने शुरु हो जाते हैं।
मेहनत का फल मिला अंगूर की बेलों पर:
कोरोना के शुरुआती दौर में मैंने घर बैठे कुछ पौधे लगाने की सोची और फिर यूट्यूब की मदद से सर्च कर जोधपुर नर्सरी से अंगूर की पौध लाकर घर के गमलों में ही लगाई। नियमित देखभाल से अब इन अंगूर की बेलों पर फल लगने लगे हैं।
- महेंद्र टाक, युवा किसान, खेड़ापा
Published on:
27 Apr 2023 06:24 pm
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