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कैसे पाएं Income Tax से राहत, पढ़ें ये टैक्स प्लानिंग की जरूरी बातें!

टैक्स प्लानिंग के तरिके, कैसे की जाए टैक्स प्लानिंग ?
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जयपुर

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rohit sharma

•

Updated: 22 Mar 2018, 6:42 PM IST

TAX PLANING

TAX PLANING

जयपुर ।

Income Tax यह केवल शब्द मात्र ही नहीं है, बहुत से लोग शब्द से डरते है। लेकिन अगर इसी इनकम टैक्स को प्लानिंग के साथ भरा जाए तो इससे किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। हर व्कक्ति टैक्स बचाना चाहता है, लेकिन बचा नहीं पाता इसलिए वह टैक्स चोरी कर के इसे बचाने की कोशिश करता है। जो की क़ानून जुर्म है और अपराध माना जाता है। भारतीय क़ानून में टैक्स चोरी के लिए सज़ा भी तय है। अगर इसी टैक्स को भरने के लिए प्लानिंग की जाए तो इससे टैक्स भी बच सकता है और टैक्स प्लानिंग व्यक्ति के अधिकारों में भी आता है।

Income Tax मे आय के स्त्रोत

वेतन से आय
व्यापार से आय
कैपिटल गेन से आय
मकान से सम्पति से आय
अन्य आय के स्त्रोत

ये सभी आय के प्रमुख स्त्रोत है। इस आय से इनकम टैक्स बचाने के लिए कुछ प्रावधान आयकर में मौजूद है। इन सब से इनकम का लाभ पाने के लिए बचत स्कीम, LIC जीवन बीमा, ट्रस्ट बना कर और आया का विभाजन से टैक्स में कुछ राहत मिल सकती है। टैक्स प्लानिंग के विषय में वक़ील और चार्टेड अकाउंटेंट से भी सलाह मशहुरा कर सकते है।

टैक्स पे करते वक़्त ध्यान में रखने योग्य बात

कितने रुपए तक टैक्स फ्री होता है ?
टैक्स फ्री इनकम का लाभ कैसे मिल सकता है ?
टैक्स प्लानिंग कैसे की जाए ?

इनकम टैक्स भरने की एक सीमा सरकार के द्वारा तय है। उस इनकम से नीचे का व्यक्ति Income Tax नहीं भरेगा।

ये है इनकम टैक्स की सीमा...

- 2 लाख 50 हज़ार तक सालाना इनकम होने पर टैक्स पूरी तरह माफ़ है।
- 2 लाख 50 हज़ार से 5 लाख तक की सालाना इनकम होने पर साल की आय का 10 प्रतिशत टैक्स सरकार को चुकाना होगा।
- 5 लाख से 10 लाख तक की सालाना आय वाले व्यक्ति 20 प्रतिशत टैक्स चुकाने के भागीदार होंगे।
- 10 लाख से अधिक सालाना आय वाले व्यक्ति 30 प्रतिशत टैक्स भरेंगे।


टैक्स प्लानिंग कैसे करें ?

- जिस तरह INCOME TAX एक्ट में आय की फर स्तर तय की हुई है। वैसे ही टैक्स प्लानिंग के लिए निवेश के प्रावधान SECTION 80 C (सेक्शन 80 सी) - SECTION U में उपलब्ध है।

- SECTION 80 C, CCC, CCCD में 1 लाख से लेकर 1 लाख 50 हज़ार का इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है।
- SECTION 80 D में जो की खुद, पति-पत्नी, माता-पिता पर निर्भर हो को 20 हजार और 30 हज़ार सीनियर सिटीजन को कर में छूट दी जाती है।
- बुजुर्ग माता-पिता की टैक्स फाइल कर, अधिक आयकर का लाभ लें।
- परिवार के सभी सदस्यों की टैक्स रिटर्न फाइल करें।
- पति-पत्नी की आय साथ में ना जोड़े।
- कृषि कार्यों में निवेश से इनकम टैक्स फ्री है।

गिफ्ट से टैक्स फ्री :- अप्रैल 2006 के बाद 50 हज़ार तक के गिफ़्ट टैक्स मुक्त है। इन्हें टैक्स रिटर्न में शामिल कर सकते है।

महत्वपूर्ण बातें

- यदि प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट किया है तो प्रॉपर्टी के इन्वेस्टमेंट की जानकारी को दिखाए।
- व्यापार में ज्यादा रकम का नगद न लें, चेक के माध्यम से भुगतान करें या करवाए।
- टैक्स को निर्धारित समय पर भरने से ब्याज देने से बचें।
- सभी प्रकार के लेनदेन की रसीद की फाइल मेन्टेन करें।