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कच्ची बस्ती से निकले ‘हुनरबाज’ पूरे देश में प्रतिष्ठित फेस्टिवल्स में करेंगे परफॉर्म

हाल ही नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और इंडो-फ्रेंच कल्चरल सेंटर 'फ्रांसेस एलेयोंस' में किया परफॉर्म

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जयपुर

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Mohmad Imran

Jun 07, 2023

कच्ची बस्ती से निकले 'हुनरबाज' पूरे देश में प्रतिष्ठित फेस्टिवल्स में करेंगे परफॉर्म

कच्ची बस्ती से निकले 'हुनरबाज' पूरे देश में प्रतिष्ठित फेस्टिवल्स में करेंगे परफॉर्म

जयपुर। प्रतिभा का सूरज मुश्किलों के बादलों में घिरा होने पर भी एक न एक दिन अपनी चमक जरूर बिखेरता है। कुछ ऐसी कहानी है जयपुर के सीताराम नगर कच्ची बस्ती के रहने वाले अंडरप्रिवलेज्ड बच्चों की। इन बच्चों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि अपनी बस्ती से निकलकर वह एक दिन दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) तक अपनी कला का हुनर दिखाएंगे। इतना ही नहीं कच्ची बस्ती के ये हुनरबाज जल्द ही देश के अन्य बड़े शहरों और प्रतिष्ठित फेस्टिवल्स में भी हिस्सा लेने जा रहे हैं।

एनएसडी में खूब मिली सराहना
हाल ही फ्रेंच और हिंदी में तैयार इस नाटक का मंचन एक्टिंग और रंगमंच के सबसे बड़े केन्द्र नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में किया गया। वहां नाटक को खूब सराहा गया। अंडरप्रिवलेज्ड बच्चों के साथ काम करने वाली एक संस्था का कहना है कि इन बच्चों को आत्मविश्वास देकर लाइव ऑडियंस के सामने परफॉर्म करवाना बहुत सराहनीय प्रयास है। नाटक का इंडो-फ्रेंच कल्चरल सेंटर 'फ्रांसेस एलेयोंस' में भी मंचन किया गया। हिंदी में परफॉर्म किए गए इस नाटक में फ्रेंच भाषा के संवाद और शब्दों को भी शामिल किया गया था। नाटक में 16 बच्चों ने मंच पर और मंच के पीछे काम किया है।

पांडिचेरी में करेंगे 'रंगकर्म'
नाटक की निर्देशिका और इंडिपेंडेंट थिएटर प्रैक्टिशनर मुदिता चौधरी ने बताया कि इन बच्चों के साथ उन्होंने डेढ़ साल पहले ढाई महीने की वर्कशॉप के बाद पहला नाटक 'लपट' किया था। 'स्कूल फॉर वाइव्ज' इन बच्चों के साथ उनका दूसरा नाटक है। जयपुर और दिल्ली के बाद अब मुदिता इन बच्चों के साथ पांडिचेरी में नाटक का मंचन करने की तैयारी कर रही हैं, क्योंकि वहां फ्रेंच कल्चर को समझने वाला एक बड़ा वर्ग है। 'स्कूल फॉर वाइव्ज' को तीन महीने की वर्कशॉप में तैयार किया। बॉडी लैंग्वेज, पॉश्चर और एक्सप्रेशन के अलावा फ्रेंच भाषा सिखाने के लिए नेटिव फ्रेंच लैंग्वेज ट्रेनर की देखरेख में क्लास भी हुई।

एनएसडी के 'रंग बचपन' फेस्टिवल में सेलेक्ट
चौधरी ने बताया कि नाटक को एनएसडी के बाल रंगकर्म उत्सव 'रंग बचपन' और एक अन्य फेस्टिवल के लिए चुन लिया गया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। इसके अलावा नाटक को मुंबई थिएटर ऑडियंस के सामने भी प्रस्तुत करने की योजना है। इस पूरे नाटक को पूरे देश में घूम-घूमकर परफॉर्म किया जाएगा। नाटक में लाइव म्यूजिक और वायलिन का उपयोग किया गया है। नाटक की मंच सज्जा देशराज, लाइट सेटिंग सोहित ने और तनिष ने वायलिन बजाया है। बच्चों के लिए स्क्रिप्ट मोडिफाई करने का काम कार्तिक गुराना ने लिखी है।