
जयपुर। साल 2017 जाने को है और पूरा प्रदेश नए साल के स्वागत में जुटा है। वहीं शराब कारोबारियों के चेहरे पर रौनक है। कारण है साल के अंतिम ‘गोल्डन थ्री डेज’। शराब कारोबारियों के अनुसार इन तीन दिनों में साल में सबसे ज्यादा व्यापार होता है। शराब की दुकानों के साथ ही होटल बार और बड़े शहरों में बने पब्स में भी रौनक है। स्पेशल डाइट, स्पेशल पैकेज और अन्य दर्जनों स्कीम्स के साथ करीब सौ करोड़ रुपए की शराब इन तीन दिनों में बिकने का अनुमान है।
अवैध कारोबार भी चरम पर
शराब के इतने बड़े कारोबार के बाद भी अवैध शराब की बिक्री चरम पर है। पंजाब और हरियाणा से अवैध शराब की बिक्री जारी है। साल के आखिरी महीने में पुलिस ने करीब पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की शराब पकड़ी है। प्रदेश में तीस से भी ज्यादा बड़ी कार्रवाई इस महीने की गई हैं।
बार-पब्स दे रहे हैं स्कीम
जयपुर शहर में अब दिल्ली की तर्ज पर बार और पब्स शराब पीने पर स्कीम्स दे रहे हैं। शहर में सी-स्कीम, आमेर रोड और टोंक रोड पर स्थित बार और पब्स दो हजार रुपए से लेकर छह हजार रुपए तक में अनलिमिटेड लिकर ऑफर कर रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इन स्कीम्स की बुकिंग भी हो रही है।
शराबियों को नहीं बक्शा जाएगा
नए साल के जश्न को लेकर डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे शराब पीकर वाहन चलाने वालों से सख्ती से निपटें। वहीं जयपुर कमिश्नर संजय अग्रवाल ने शराब पीकर सडक़ों पर वाहन दौड़ाते और छेड़छाड़ जैसी हरकतें करने वालों से निपटने के लिए कांस्टेबल से लेकर एडीशनल डीसीपी स्तर के पुलिसकर्मी और आरएसी कंपनियां शहर में तैनात की हैं।
पांच घंटे में बिकेगी करोड़ों की शराब
सरकार ने इस साल अपे्रल में शराब से मिलने वाले रेवेन्यू का टारगेट सात हजार सात सौ करोड़ रखा गया है। बताया जा रहा है कि यह अगले साल जनवरी तक पूरा हो जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में शराब की छह हजार छह सौ दुकानें हैं। इनके अलावा पद्रंह सौ से ज्यादा बीयर बार और पब्स हैं। शराब कारोबारियों की मानें तो हर दिन औसतन करीब बीस करोड़ रुपए की शराब प्रदेश में बिकती है।
लेकिन साल के अंत के तीन दिन में बिक्री सौ करोड़ जंप कर जाती है। दुकानों पर अधिकतर शराब की बिक्री शाम पांच से आठ और पब्स पर रात आठ बजे से दस बजे तक होती है। गुजरात से सटे उदयपुर जिले में इस बार भी शराब की एक्स्ट्रा खपत होनी है। गुजरात में शराब बंदी होने के कारण साल के अंत के तीन से चार दिन उदयपुर में लोगों का डेरा रहता है।
Published on:
30 Dec 2017 12:32 pm

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