
जयपुर . हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में अब भी भूमाफिया सक्रिय है और यहां विभागों की मिलीभगत से कब्जे का खेल चल रहा है और नदी के बहाव क्षेत्र में सैकड़ों बीघा भूमि पर पहले काश्त के नाम पर कब्जे हुए, फिर धड़ल्ले से फॉर्म हाउस, रिसोर्ट व होटल बना लिए गए। अकेले अचरोल नदी के किनारे ही बहाव क्षेत्र की 20 बीघा से ज्यादा जमीन पर सिर्फ फार्म हाउस व रिसोर्ट ही दिखाई दे रहे हैं और रामगढ़ बांध में सैकड़ों बीघा की रजिस्ट्री और 732 मामले पकड़े, अचरोल नदी के किनारे 20 बीघा भूमि दबाई।
अतिक्रमण हटे, लेकिन खेल नहीं थमा
- जिला प्रशासन, जेडीए, सिंचाई विभाग, वन विभाग ने अब तक 244 हैक्टेयर भूमि से अतिक्रमण, निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की है।
- इसमें जेडीए परिधि क्षेत्र में 40 गावों में केवल 1.11 हैक्टेयर भूमि से पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। इसके अलावा 26.91 हैक्टेयर भूमि से फसल, पेड़—पौधे हटाए। इसमें 548.05 हैक्टेयर भूमि बहाव क्षेत्र की है।
- बहाव क्षेत्र में भूमि खातेदारी, आवंटन के 732 मामले पकड़े जा चुके हैं । कलक्टर कोर्ट 3 को निरस्त कर चुका है।
तहसील के कारिंदे भी शामिल
यहां नदी के पाट की भूमि पर कुछ समय तक काश्तकारी करवाकर उसे खातेदारी की जमीन में तब्दील करवाता है और फिर इस खातेदारी की जमीन को खरीदने के बाद आस-पास के क्षेत्र पर कब्जा करता है। तहसील के कारिंदों की मिलीभगत से इसके दस्तावेज बनवाए जाते हैं और इन जमीनों की रजिस्ट्री करवाई जाती है।
रिकॉर्ड से नदी गायब, मांगी रिपोर्ट
जनअभाव अभियोग निराकरण समिति की बैठक में कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने पावटा पंचायत समिति स्थित खार नली नदी के राजस्व रिकॉर्ड से गायब होने और बहाव क्षेत्र में निर्माण मामले में रिपोर्ट मांगी हैं और तहसीलदार एवं सेटलमेंट टीम को मौके पर जाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट बना पेश करने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
13 Apr 2018 05:28 pm
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