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टीम इंडिया के लिए तीनों प्रारूपों में खेलना चाहता है यह खिलाड़ी

काफी अर्से से वनडे और टी-20 टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं रवीन्द्र जडेजा, गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी खुद को करना चाहते हैं साबित
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जयपुर

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Aryan Sharma

Sep 09, 2018

Jaipur

टीम इंडिया के लिए तीनों प्रारूपों में खेलना चाहता है यह खिलाड़ी

लंदन. जयपुर. जब से स्पिनर युजवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव ने टीम इंडिया की वनडे व टी-20 टीम में अपनी जगह पक्की की है, तभी से भारत के दो प्रमुख स्पिनर आर. अश्विन और रवीन्द्र जडेजा टी-20 व वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं। हालांकि ये दोनों ही स्पिनर टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। काफी अर्से से सीमित प्रारूप से बाहर चल रहे भारतीय स्पिनर रवीन्द्र जडेजा ने कहा है कि वह राष्ट्रीय टीम के लिए तीनों प्रारूपों में खेलना चाहते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में पांचवें और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में भारतीय टीम में अंतिम एकादश का हिस्सा जडेजा ने पहली पारी में 30 ओवर में 79 रन देकर मेजबान टीम के चार विकेट निकाले। इसके साथ ही दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आठ रन पर खेल रहे थे।

बता दें, इंग्लैंड की पहली पारी 332 रन के जवाब में इंडिया ने अपनी पहली पारी में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे।

मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाना है
जडेजा ने कहा, 'मेरे लिए सबसे बड़ी बात है कि मैं भारत के लिए खेल रहा हूं और जब मैं और बेहतर करने लगूंगा तो उम्मीद है कि मैं वापस तीनों प्रारूपों में खेल पाऊं।' उन्होंने कहा, मेरा ध्यान फिलहाल मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाना है। जब आप एक ही प्रारूप में खेल रहे होते हैं तो आपकी लय खराब हो जाती है और बीच में खेल का लंबा अंतर आ जाता है। एक ही प्रारूप में खेलने से आपको अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम खेलने को मिलता है। मेरे पास जो भी काबिलियत है मैं उसे मैदान पर लाना चाहता हूं।

लय हासिल करने के लिए ज्यादा खेलना जरूरी
जडेजा ने कहा, 'जब आप बुरे दौर से गुजर रहे होते हैं तो आपको अपनी लय हासिल करने के लिए अधिक खेलने की जरूरत होती है। मेरे लिए यह तब ही संभव है जब मैं अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहा हूं। मैं तीनों प्रारूपों में जितना अधिक खेलूंगा उतना ही अधिक मेरा खेल बेहतर होगा।'

ऑलराउंडर की भूमिका होती है अहम
जडेजा केवल स्पिनर की बजाय खुद को आॅलराउंडर के रूप में टीम में स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मेरे पास भारत के लिए खेलने का जब भी मौका आएगा, मैं केवल गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी में भी अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करूंगा। मैं भारतीय टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनना चाहता हूं और ऑलराउंडर की भूमिका में खेलना चाहता हूं। वह भी अहम होती है। मैं पहले भी ऐसा कर चुका हूं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। यह केवल समय की बात है।