जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नॉन आरएएस से आईएएस पदोन्नति पर सुनवाई पूरी कर ली है। फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश एजी मसीह और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद व अन्य की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने 7 जुलाई को राज्य सरकार की ओर से पदोन्नति के लिए भेजे अफसरों के नामों पर आगे की प्रक्रिया रोक दी। याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता तनवीर अहमद ने कहा कि नियमाें में आईएएस के 66.67 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 33.33 प्रतिशत राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों की पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है। अपवाद परिस्थिति में ही 33.33 प्रतिशत कोटे के पद अन्य सेवा के अफसरों से भरे जा सकते हैं। राज्य सरकार ने मनमर्जी से हर साल अन्य सेवा से आईएएस में पदोन्नति की परंपरा बना ली है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सत्येन्द्र सिंह राघव ने बताया कि राज्य सरकार आईएएस प्रमोशन नियम, 1954 के तहत केंद्र सरकार की राय से अन्य सेवाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों की आईएएस पद पर नियुक्ति कर सकती है।