
Jaipur Born IAS Vikas Marmat
राजस्थान की राजधानी जयपुर से ताल्लुक रखने वाले और महज 23 वर्ष की उम्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में मुकाम हासिल करने वाले युवा अधिकारी विकास मरमत इन दिनों एक बड़े विवाद के चलते देश भर की सुर्खियों में आ गए हैं। आंध्र प्रदेश कैडर के 2019 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मरमत को बेंगलुरु के एक हाई-प्रोफाइल पब में पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित झड़प और दुर्व्यवहार के मामले के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए उनके पद से हटा दिया है।
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब बेंगलुरु के रेजीडेंसी रोड स्थित एक पॉश बार और पब में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की टीम औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थी। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर सामने आए इस सनसनीखेज मामले के बाद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले इस युवा अधिकारी के इस तरह विवादों में आने से प्रशासनिक महकमे में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार, गत 10 अक्टूबर को देर रात करीब 1:30 बजे बेंगलुरु के रेजीडेंसी रोड स्थित 'कैवोर' बार और रेस्तरां में सेंट्रल क्राइम ब्रांच की टीम उम्र के सत्यापन और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए रूटीन चेकिंग करने गई थी। इस टीम का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर अरुण सालुंके कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान जब पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद कुछ युवतियों से उनकी आयु सत्यापित करने के लिए दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वहां मौजूद आईएएस अधिकारी विकास मरमत और उनके साथी भड़क गए। आरोप है कि इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और आईएएस अधिकारी तथा उनके साथियों ने ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और हाथापाई तथा थप्पड़ मारने का प्रयास किया।
इस घटना के बाद बेंगलुरु के कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में आईएएस विकास मरमत को मुख्य आरोपी बनाते हुए उनके तीन अन्य साथियों—रियल एस्टेट व्यवसायी अभय उदय सिंह, बिहार में प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर के संचालक नीतीश और एक बाउंसर रोशन के खिलाफ आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने इस बात का भी जिक्र किया कि अगली सुबह उन्होंने अपने इस आचरण के लिए माफी भी मांग ली थी।
घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राज्य सरकार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया। यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील था क्योंकि विकास मरमत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के गृह विधानसभा क्षेत्र कुप्पम में 'कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी' (KADA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए विकास मरमत को कुप्पम डेवलपमेंट अथॉरिटी के पद से हटा दिया और उन्हें जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चित्तौड़ के जिला कलेक्टर को KADA में नए प्रभारी प्रोजेक्ट डायरेक्टर की व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
विकास मरमत का राजस्थान और गुलाबी नगरी जयपुर से गहरा और पुराना नाता रहा है। उनका जन्म 25 मार्च 1996 को जयपुर में हुआ था और वर्तमान में उनकी उम्र लगभग 30 वर्ष है। उनके पिता ने जीएसटी (GST) विभाग में लगातार 36 वर्षों तक देश की सेवा की है और वर्ष 2025 में वे सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी बहन राधिका मरमत पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
विकास की शुरुआती और उच्च शिक्षा प्रतिष्ठित संस्थानों से हुई है। उन्होंने देश के जाने-माने संस्थान IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए की पढ़ाई पूरी की।
अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने महज 23 वर्ष की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE 2018) के अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली थी। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 473 हासिल की थी और वे एसटी (ST) वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा विकास को लेखन, कविता और संगीत का भी शौक है। वे एक पियानो वादक हैं और अंग्रेजी कविताओं की एक पुस्तक "Where Do You Fall Apart?: Poems of Love, Heartbreak and Hope" भी लिख चुके हैं।
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले विकास मरमत को चयन के बाद आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया था। अपने छोटे से प्रशासनिक सफर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे वाईएसआर कडपा जिले में असिस्टेंट कलेक्टर और नेल्लोर नगर निगम के म्यूनिसिपल कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कुछ बेहतरीन पब्लिक-पार्टनरशिप मॉडल पर काम किया था, जिसके लिए उनकी टीम को प्रतिष्ठित 'स्कॉच अवार्ड' (SKOCH Award) से भी सम्मानित किया गया था। हालांकि, इस ताजा पब विवाद और पुलिस के साथ हुई झड़प के कारण उनके शानदार प्रशासनिक करियर पर एक बड़ा दाग लग गया है, और फिलहाल वे सरकार की अनुशासनात्मक जांच के दायरे में आ गए हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 01:09 pm
Published on:
15 Oct 2026 01:09 pm
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