जयपुर। मानसरोवर में किसान धर्म
कांटा से द्वारकादास गार्डन तक प्रशासन की लापरवाही के चलते मौत का खतरा अभी भी
मंडरा रहा है। न्यू सांगानेर रोड स्थित वीटी रोड चौराहे पर शुक्रवार को दम्पती की
मौत के बाद भी जेडीए अधिकारियों ने वहां सड़क पर हो रहे गहरे गड्ढों को भरने की सुध
नहीं ली।
जबकि कावेरी पथ के पास करीब आधा फीट से अधिक गहराई के गड्ढे भारी वाहनों
के बीच से निकलने वाले दुपहिया वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। दुर्घटना
थाना दक्षिण पुलिस के आकड़ों पर गौर करें तो गत सवा साल में 60 दुर्घटनाओं की
रिपोर्ट हो चुकी, जबकि 11 लोग मौत का शिकार हो गए। इसके अलावा मामूली दुर्घटनाओं की
रिपोर्ट तो पुलिस दर्ज ही नहीं करती है।
अस्पताल में भर्ती मासूम
मुहाना
निवासी ब्रह्मानंद और उनकी पत्नी जमना देवी की मौत से पूरे परिवार पर दुख का पहाड़
टूट पड़ा। हादसे के समय बाइक से उछलकर गिरने से घायल हुआ उनका पोता मोहित एक निजी
अस्पताल में भर्ती है। परिजनों ने बताया कि ब्रह्मानंद के तीन बेटे और एक बेटी है।
एक बेटे और बेटी की शादी कर दी थी। अब वे अपने दूसरे बेटे की शादी करने की सोच रहे
थे।
बीआरटीएस कॉरिडोर की कछुआ चाल भी कोढ़ में खाज
2011 में शुरू हुआ था
काम
2013 सितम्बर में पूरा होना था
2015 अप्रेल तक संशोशित मियाद
90 फीसदी
हुआ अब तक काम
40 करोड़ रूपए लागत
4 किलोमीटर है लम्बाई किसान धर्म कांटे से
अमृत नगर (बी-2 बायपास तिराहा) तक
कंपनी रही फेल
काम की कछुआ चाल के लिए
अनुबंधित कंपनी नीरज सीमेंट स्ट्रक्चरल प्रा.लि.भी उतनी ही जिम्मेदार है। आर्थिक
तंगी का रोना रोते हुए कंपनी ने कई बार बीच में काम रोका। जेडीए ने कंपनी पर 10 लाख
रूपए की पेनल्टी लगाई। इसके बाद भी मनमानी बढ़ी तो 5.22 करोड़ रूपए की परफोर्मेस
गारंटी जब्त करने का नोटिस थमाया गया, लेकिन कंपनी के कानूनी प्रक्रिया अपनाने की
चेतावनी और इससे प्रोजेक्ट अटकने के डर से जेडीए ने परफोर्मेस गारंटी जब्त करने के
निर्णय को वापस ले लिया।