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जंक फूड पर चेतावनी छपे तो डायबिटीज का डंक हो कमजोरः विशेषज्ञ

द्म-श्री सम्मानित एंडेक्रॉनोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्र ने कहा, चीनी, वसा या नमक ज्यादा हो तो साफ लिखा जाए पैकेट पर

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Nov 15, 2021

प्रख्यात मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मिश्रा

प्रख्यात मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मिश्रा

नई दिल्ली/जयपुर. भारत में तेजी से बढ़ते डायबिटीज के खतरे को दूर करना है तो इसके लिए सिर्फ जागरुकता का प्रयास काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए सरकार को कठोर फैसले भी लेने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सेहत के लिए नुकसानदेह पैकेटबंद खाने-पीने की चीजों पर साफ चेतावनी छपे तो लोगों के व्यवहार में बड़ा फर्क आएगा।
पद्म-श्री सम्मानित और देश के प्रतिष्ठित एंडेक्रॉनोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है कि कई बार नियम बनाने से ही आदतें बदलती हैं। कार से चलने वालों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता या फिर कोरोना के दौरान मास्क की अनिवार्यता का नियम बहुत फायदेमंद रहा है। फैट, शुगर और सोडियम की अत्यधिक मात्रा वाली चीजों के सेवन को कम कर डायबिटीज और हृदय रोग सहित विभिन्न गैर संक्रामक रोगों को काफी कम किया जा सकता है। इस लिहाज से चिली में अपनाए जा रहे चेतावनी के तरीके को उन्होंने काफी प्रभावी बताया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि जहां चिली जैसे विकासशील देश ने इस व्यवस्था को लागू कर गैर संक्रामक रोगों का खतरा काफी कम कर लिया है, वहीं भारत में खाद्य सुरक्षा व संरक्षा प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) 2013 से अब तक इस पर चर्चा ही कर रहा है।

इसी तरह न्यूट्रिशनिस्ट और फोर्टिस सी-डॉक की डायबिटीज एजुकेटर सुगंधा केहर ने भी इसे पूरे परिवार के पोषण के लिए बहुत जरूरी बताया। Òहमें गैर संक्रामक रोगों के खतरे को गंभीरता से लेना होगा। फैट, साल्ट और शुगर की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों के बारे में लोगों में जागरुकता तो जरूरी है ही लेकिन उससे अधिक जरूरी है कि तुरंत फ्रंट ऑफ पैक चेतावनी शुरू की जाए और वह ऐसी हो कि आसानी से समझ में आए।Ó
सुगंधा केहर ने कहा, Òपैकेट पर सही सूचना लोगों को सही फैसले लेने में मदद करेगी। इसमें खास तौर पर माताएं अपने बच्चों के लिए सही उत्पाद चुन पाएंगी और गैर संक्रामक रोगों का खतरा घट सकेगा।Ó

चिली की कामयाबी
चिली ने अपने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक साथ कई कदम उठाए। नुकसानदेह पैकेटबंद खाने-पीने की चीजों पर सामने की ओर (फ्रंट ऑफ पैक) चेतावनी की व्यवस्था अनिवार्य की, बच्चों को ध्यान में रख कर होने वाली मार्केटिंग गतिविधियों पर रोक लगाई, साथ ही स्कूलों में इनकी बिक्री पर रोक लगाई।

चेतावनी कैसी हो
जिन खाद्य पदार्थों में शुगर, सोडियम, सैचुरेटेड फैट या कैलरी तय मात्रा से अधिक होती है उसके पैकेट पर ऊपर की ओर अष्टभुज आकार के काले घेरे में साफ शब्दों में लिखा जाता है कि इसमें यह नुकसानेदह तत्व अधिक है। डॉ. मिश्रा कहते हैं यह बहुत सफल तरीका है। चिली ने इसे अपनाया तो चीनी की अधिकता वाले पेय पदार्थों के उपयोग में २३ प्रतिशत की गिरावट आई है।

क्यों बड़ा है यह खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का भी मानना है कि फ्रंट ऑफ पैक चेतावनी डायबिटीज सहित विभिन्न प्रमुख गैर संक्रामक रोगों को कम करने में काफी मददगार है। भारत में लगभग 7.7 करोड़ लोगों को डायबिटीज है। इंटरनेशनल डायबिटीज फाउंडेशन (आईडीएफ) के मुताबिक वर्ष 2045 तक यह संख्या बढ़ कर 13.4 करोड़ हो सकती है। हमारे देश में गैर संक्रामक रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लगभग 64.9 प्रतिशत मौतों की वजह यही बन रहे हैं। साथ ही अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में से 40 प्रतिशत का कारण यही हो रहे हैं।