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अवैध डेयरियां हटीं न ही सुगम हुआ यातायात

- बैठक में उठकर रह जाते मुद्दे, धरातल पर नहीं होता कोई काम

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Aug 26, 2023

जयपुर. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी हाईपावर कमेटी के आदेशों में ताकत नहीं है। यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछली कुछ बैठकों पर गौर करें तो जो मुद्दे बैठक में उठते हैं, उनमें से धरातल पर एक पर भी काम नहीं होता। यही कारण है कि न तो शहर की सड़कों से गंदगी हटी और न ही बेसहारा पशु शहर से बाहर हो पाए। इन पशुओं को लेकर तो हाईकोर्ट ने भी आदेश दिए, लेकिन अधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है।

बीते 21 अगस्त को सचिवालय में हुई बैठक में सफाई व्यवस्था, घर-घर कचरा संग्रहण, अवैध डेयरियों के संचालन को रोकने से लेकर पशुओं को पकड़ने के मुद्दों पर चर्चा हुई। ये मुद्दे हर बैठक में उठते हैं, लेकिन इन पर अमल नहीं होता।


बैठकों के फैसलों पर नहीं हुआ अमल
29 अगस्त, 2022 : मुख्य सचिव उषा शर्मा ने हाईपावर कमेटी की बैठक ली। इसमें अवैध डेयरियों को हटाने के निर्देश दिए।
02 सितम्बर, 2022: अवैध डेयरियों को लेकर चर्चा हुई। ई-रिक्शा की संख्या सीमित और व्यवस्थित करने पर काम करने के लिए कहा गया।
29 नवम्बर 2022: सफाई व्यवस्था से लेकर बैठक हुई। मुख्य सचिव की फटकार के बाद हैरिटेज निगम के तत्कालीन आयुक्त विश्राम मीणा फील्ड में उतरे और काम नहीं करने वाले सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की।

हर बार एक जैसे विषय
-बढ़ती जनसंख्या देखते हुए पार्किंग की व्यवस्था
-ठोस कचरा प्रबंधन और घर-घर कचरा संग्रहण
-परकोटे को अवैध डेयरियों से मुक्त किया जाए।

हकीकत ये

-पार्किंग: भूमिगत पार्किंग विकसित की गई हैं, लेकिन व्यवस्थित न होने की वजह से उनका सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि परकोटे में सड़क पर वाहन खड़े होते हैं और इनकी वजह से जाम लगता है।

-अवैध डेयरी: निगम की पशु प्रबंधक शाखा की शह पर परकोटा में 100 और शहर में 400 से अधिक अवैध डेयरियों का संचालन हो रहा है, जबकि पशु डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए जेडीए ने रियायती दर पर 1426 भूखंड भी पशुपालकों को दे दिए। इसके बावजूद शहर में पशुओं को विचरण करते देखा जा सकता है।

-कचरा प्रबंधन: राजधानी में कचरा प्रबंधन भगवान भरोसे चल रहा है। हैरिटेज नगर निगम में ज्यादा बुरा हाल है। यहां अब तक हूपर की निगरानी का तंत्र ही विकसित नहीं हो पाया है।


इन पर कार्रवाई करो सरकार

-आमेर-हवामहल जोन कार्यालय से 100 मीटर की दूरी पर अवैध डेयरी का संचालन वर्षों से हो रहा है।
-चांदपोल गेट के बाहर अव्यवस्थित ई-रिक्शा की वजह से जाम लगता है।
-पूरे शहर में 500 से अधिक अस्थायी कचरा डिपो बन गए हैं।

बैठक के ये सदस्य
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष, जयपुर डिस्कॉम के अध्यक्ष, पुलिस आयुक्त, जेसीटीएसएल अध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी, नगरीय विकास विभाग, जेडीए, नगर निगम, जिला कलक्टर से लेकर ट्रैफिक पुलिस सहित 18 महकमों के अधिकारी शामिल हैं।


वार्ड की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारी, परकोटे में सीवर समस्या, हूपर की संख्या बढ़ाने, अवैध डेयरियों का संचालन रोकने जैसे मामले कमेटी की बैठक में उठाए थे। सीएस ने आश्वस्त किया है कि इन पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।

-मनीष पारीक, सदस्य, हाईपावर कमेटी