
प्रकाश कुमावत / जयपुर। राजधानी में वीकेआई रोड नंबर एक स्थित मालपाणी हॉस्पिटल में अनपढ़ ग्रामीणों को दिहाडी मजदूरी के बहाने लाकर ड्रग ट्रायल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इन पीडितों को चूरू जिले की बीदासर तहसील के डिगारिया गांव से दलाल के जरिये यहां लाया गया। वहीं सात लोग अलीपुर भरतपुर के भी यहां बताया जाए रहे हैं।पीडितों के अनुसार दलाल ने गांव में इन्हें बताया कि उन्हें प्रतिदिन के 500 से 1000 रुपए दिहाडी के तौर पर मिलेंगे। इन लोगों को यहां लाकर एक दिन रखा गया। इसके बाद 19 अप्रेल को सुबह करीब 11 बजे इन्हें एक एक टेबलेट दी गई।
भरतपुर निवासी फतेहसिंह ने बताया कि मैं काश्तकारी करता हूं गांव में। हमको धंधा बताने की बात कहकर महावीर यहां लाया है। वहीं एक पीडित मूलाराम ने बताया कि सेवा पाणी और 500 रुपए दिहाड़ी की बात कहकर हमें शेरसिंह परसों यहां लाया था, वह तो ग्राम डिगारिया चला गया। कल दोपहर हमें खाना हजम हो जाएगा, यह कहकर गोली खिलाई। उसके बाद किसी के हाथ पैर में दर्द होने लगा तो किसी का गला सूखने लगा।
मरीजों की सेवा के लिए लाए
बीदासर निवासी सोहनलाल और भागू राम ने बताया कि उन्हें यह कहा गया था कि आपको मरीजों की सेवा करनी है, उन्हें अटेंड करना है, खड़ा करके टॉयलेट आदि तक ले जाना है, दवा पकड़वानी है। इसके लिए 500 रुपए दिए जाएंगे। गुरुवार को हमें कहा कि आपको यहां 12 -13 दिन रहना होगा। बुधवार को हमें खाना, चाय आदि दिया। गुरुवार को दोपहर में यह कहकर गोलियां दी कि इससे खाना हजम हो जाएगा। गोली लेने के बाद किसी के हाथ पैरों में दर्द, किसी के सिर दर्द, नींद बेहोशी आने लगी।
कुछ लड़कों की तबीयत खराब होने की सूचना मुझे गांव में रहनेवाले गिरधारी ने दी थी, उनके परिचित मूलाराम को यहां लाकर दवा दी गई है। मैं यहां आया तो पूरा माजरा समझ में आ गया कि यहां इन्हें दिहाड़ी के नाम पर बुलाकर इन पर दवा टेस्ट की जा रही है।
विमल तोषनीवाल सामाजिक कार्यकर्ता निवासी बीदासर
Published on:
20 Apr 2018 08:34 pm
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