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दूदू सीओ का कारनामा, बजरी परिवहन को लेकर कांस्टेबल ने मिलाया सीओ से, फिर सौदा तय

दूदू सीओ विजय सेहरा अवैध बजरी परिवहन के लिए प्रति डम्पर तीन हजार रुपए वसूल रहा था। दो दिन पहले दूदू में गिरफ्तार डम्पर मालिक ने यह खुलासा किया है।

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illegal gravel transport case dudu CO Vijay Sehra

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ओमप्रकाश शर्मा/जयपुर। दूदू सीओ विजय सेहरा अवैध बजरी परिवहन के लिए प्रति डम्पर तीन हजार रुपए वसूल रहा था। दो दिन पहले दूदू में गिरफ्तार डम्पर मालिक ने यह खुलासा किया है। एक ही व्यक्ति ने दो माह में ग्यारह लाख रुपए देने की बात कबूल की है। डम्पर मालिक की गिरफ्तारी के बाद से सीओ के लिए दलाली करने वाला होटल मालिक फरार है। पुलिस उसे तलाश रही है। वसूली के इस खेल में सीओ के अलावा और कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 11 जून तक रिमांड पर लिया है। खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने सतर्कता शाखा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी राज को विभागीय जांच के लिए दूदू भेजा है।

पिछली छह जून को गिरफ्तार गीगल निवासी महेन्द्र मीणा ने पूछताछ में बताया कि वह रॉयल्टी देकर जैतारण से डम्पर में जयपुर बजरी लाता है। वह जीप से डम्पर को एस्कॉर्ट करता है। उसका डम्पर 28 मार्च को दूदू पुलिस ने ओवरलोड बताते हुए थाने में खड़ा करा दिया। बाद में डम्पर को राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति से सिफारिश करवा कर छुड़वाया।

भांकरोटा थाने के कांस्टेबल ने कराया परिचय
डम्पर छूटने के बाद महेन्द्र ने पुलिस से साठगांठ का प्रयास शुरू किया। इसके लिए उसे किसी ने भांकरोटा थाने के एक कांस्टेबल का नाम सुझाया। कांस्टेबल ने महेन्द्र को दूदू सीओ विजय सेहरा से जयपुर के एक अस्पताल में मिलवाया। वहां सीओ ने इसके लिए राजेन्द्र चौधरी से मिलने के लिए कह दिया। राजेन्द्र दूदू क्षेत्र में होटल चलाता है। राजेन्द्र ने महेन्द्र को होटल पर बुलाया और डम्पर के हर फेरे के तीन हजार रुपए मांगे। कहा कि जो डम्पर जाएगा, उसकी पहले ही जानकारी वॉट्सएप पर दे देना, फिर पुलिस नहीं पकड़ेगी।

6 अप्रेल से 26 मई तक दिए 11 लाख
दलाल से बात होने पर छह अप्रेल से महेन्द्र ने डम्पर चलाने शुरू कर दिए। उसने खुद के साथ औरों के डम्पर भी पास कराए। यह सिलसिला 26 मई तक चला। पड़ताल में हिसाब की डायरी मिली है, जिसमें करीब ग्यारह लाख रुपए का लेन-देन दर्ज है। पुलिस अब फरार राजेन्द्र को तलाश रही है। उससे पूछताछ के बाद सीओ विजय सेहरा से पूछताछ हो सकती है। पुलिस ने महेन्द्र को मंगलवार को अदातल में पेश कर यही कहा कि उच्चाधिकारी की भूमिका की पड़ताल के लिए रिमांड चाहिए। उधर, एडीजी (सतर्कता) बीजू जॉर्ज जोसफ ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी राज को विभागीय जांच सौंपी है। शालिनी ने दूदू थाने पहुंच कर पुलिस जांच की जानकारी ली।

फागी से खुला राज
पुलिस ने 27 मई को डम्पर चालक बजरंग को गिरफ्तार किया था। उससे सीओ के नाम पर रामेश्वर नामक व्यक्ति बंधी लेता था। बजरंग ने पूछताछ में ही महेन्द्र का नाम बताया था। उसके बाद एसपी शंकरदत्त शर्मा ने सीओ विजय सेहरा के साथ फागी थानाधिकारी हरिमोहन व माधोराजपुरा चौकी प्रभारी को फील्ड से हटाकर अपने कार्यालय में हाजिरी देने के आदेश दिए थे।