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ईम्पीरियल ईगल को मिला घर, मांझे की डोर से हुआ था घायल

इम्पीरियल ईगल यानी बाज को गुरुवार को होप एंड बियॉन्ड संस्था और एंजल आइज संस्था के सदस्यों ने उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। यह वह बाज था जो कि मकर संक्रांति पर मांझे की डोर से घायल हुआ था और होप एंड बियॉन्ड संस्था ने इसका निशुल्क पक्षी चिकित्सा शिविर में इलाज किया था।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 02, 2023

ईम्पीरियल ईगल को मिला घर, मांझे की डोर से हुआ था घायल

ईम्पीरियल ईगल को मिला घर, मांझे की डोर से हुआ था घायल

इम्पीरियल ईगल यानी बाज को गुरुवार को होप एंड बियॉन्ड संस्था और एंजल आइज संस्था के सदस्यों ने उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। यह वह बाज था जो कि मकर संक्रांति पर मांझे की डोर से घायल हुआ था और होप एंड बियॉन्ड संस्था ने इसका निशुल्क पक्षी चिकित्सा शिविर में इलाज किया था। संस्था के जॉय गार्डनर ने बताया कि जयपुर में पहली बार इम्पीरियल ईगल को रेस्क्यू किया गया था। खास बात यह है कि इस बाज के पंखों की लंबाई तकरीबन 6.5 फीट थी और मांझे से पंख कट जाने पर इसे शिविर में लाया गया था। तकरीबन 15 दिन के इलाज के बाद जब वह ठीक हो गया तो उसे नाहरगढ़ में चरण मंदिर के पास उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस अवसर पर डॉ.साहिल सिंघल,राजेश जाखड़, डॉ.मोनिका चौधरी,अभिषेक सिंह,नरेश मीणा, प्रणय व विजय जांगिड़ के साथ वन विभाग के कार्मिक भी उपस्थित थे। इसके साथ ही जयपुर चिडिय़ा घर के मुख्य उपवन संरक्षक कपिल चन्द्रावल के सहयोग से दो चीलों को भी उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।