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आयात शुल्क में नरमी, अमेरिका-चीन में सुलह!

चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के प्रभाव से भारत सहित अन्य देश भी अछूते नहीं हैं। इस व्यापारिक तनाव के बीच दोनों देशों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिका और चीन की बड़ी कंपनियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि आयात शुल्क में ढील दी जाए।

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आयात शुल्क में नरमी, अमेरिका-चीन में सुलह!

आयात शुल्क में नरमी, अमेरिका-चीन में सुलह!

पेइचिंग। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के प्रभाव से भारत सहित अन्य देश भी अछूते नहीं हैं। इस व्यापारिक तनाव के बीच दोनों देशों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिका और चीन की बड़ी कंपनियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि आयात शुल्क में ढील दी जाए। चीन ने अमेरिका के उत्पादों की 16 श्रेणियों के ऊपर लगे शुल्क को हटाने की घोषणा की है। चीन ने यह घोषणा ऐसे समय की है, जब अमेरिका के साथ अगले महीने नए दौर की व्यापार वार्ता होने वाली है। सीमा शुल्क आयोग के अनुसार यह छूट 17 सितंबर से प्रभावी होगी। आयोग ने शुल्क के दायरे से निकलने वाले उत्पादों की दो सूची जारी की। इनमें समुद्री खाद्य उत्पाद तथा कैंसर के रोकथाम की दवाएं शामिल हैं।
अमेरिकी सरकार ने पहली बार क्रूड पर भी अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। सितंबर की शुरूआत में ही चीन के कई सामानों पर 15 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क प्रभावी हो गया है। हालांकि इससे अमेरिका में कपड़े, जूते, खेल का सामान और कई इलेक्ट्रिक आइटम महंगे हो गए। इस कदम से ट्रंप सरकार की अर्थव्यवस्था को भी झटका लगने का खतरा है। अमेरिका के इस कदम के बाद चीन ने भी जवाब में अमेरिकी आयात पर अतिरिक्त शुल्क मढ़ दिया। ट्रंप ने कहा था कि चीन से बातचीत होती रहेगी, लेकिन शुल्क में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। ट्रेड वॉर का असर चीन की जीडीपी और मुद्रा पर भी पड़ रहा है। पिछली तिमाही में चीन की विकास दर पिछले 27 वर्षों में सबसे कम रही। इससे बेरोजगारी में भी वृद्धि हुई है। 2018 में चीन में 4.9 प्रतिशत बेरोजगारी थी, जो कि अब 5.3 प्रतिशत हो गई है।