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पक्षी संरक्षण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका: राजन विशाल

प्रदेश में पशु पक्षियों पर हो रही क्ररता को रोकने के लिए जिला कलेक्टर और जिला क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष राजन विशाल एवं एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर तथा जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य मनीष सक्सेना ने विशेष पोस्टर का विमोचन किया।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

May 30, 2022

पक्षी संरक्षण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका: राजन विशाल

पक्षी संरक्षण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका: राजन विशाल

पक्षी संरक्षण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका: राजन विशाल
वल्र्ड पैरट डे पर विशेष पोस्टर का विमोचन
जयपुर। प्रदेश में पशु पक्षियों पर हो रही क्ररता को रोकने के लिए जिला कलेक्टर और जिला क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष राजन विशाल एवं एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर तथा जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य मनीष सक्सेना ने विशेष पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर बीरबल सिंह, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॅा.प्रवीण कुमार सेन,डॅा.पदमचन्द्र कनखेरिया,डॅा.राजेश साहनी तथा वल्र्ड संगठन की उपनिदेशक एवं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की सदस्य नम्रता भी उपस्थित थी।
जिला कलेक्टर एवं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष राजन विशाल ने बतलाया कि पक्षियों के संरक्षण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षी संरक्षण के कार्य में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को जोडऩे पर बल दिया और सभी नाागरिकों से अपील की है कि अपने घरों और आसपास फलदार पेड़ लगाकर पक्षियों के संरक्षण में योगदान दें।
एनिमल वेलफेयर ऑफिसर तथा जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य मनीष सक्सेना ने बतलाया कि मनुष्यों द्वारा जंगलों की अंधाधुन्ध कटाई, शिकार एवं अवैध वन्यजीव व्यापार के कारण तोतों के अस्तित्व पर संकट खडा हो गया है। आज विश्व में लगभग साढ़े पाँच करोड़ तोते हैं जिसमें से आधे से ज्यादा पिंजरों में कैद हैं, अधिकांश लोगों के घरों में पालतू के रूप में रह रहे हैं। भारतीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत तोतों को पालना दंडनीय अपराध है। तोतों का अवैध व्यापार बढ़ा है जिससे तोतों की जनसंख्या मे तेजी से कमी आई है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के अनुसार वर्तमान में विश्व में तोतों की 398 प्रजातियां हैं, जिसमें 18 गंभीर रूप से संकट ग्रस्त तथा 39 लुप्तप्राय हैं। तोतों को बचाने के लिए अतिशीघ्र युद्ध स्तर पर संरक्षण कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।


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