
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर. बीजेपी ने बुधवार को सदन में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपरलीक और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर शून्यकाल के दौरान जमकर नारे लगाए। आरपीएससी को भंग करने और पेपर लीक प्रकरणों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर भाजपा विधायक वैल में पहुंच गए। इसके बाद भाजपा विधायक सदन से इस मुद्दे पर बहिर्गमन कर गए।
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी और विधायक नारायण सिंह देवल और अशोक लाहोटी ने भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाए। विधायकों ने पेपरलीक और ईओ भर्ती परीक्षा में पकड़े गए कांग्रेस नेता गोपाल केसावत के राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) सदस्यों से तार जुड़े होने के आरोप लगाए। भाजपा ने आरपीएससी को भंग करने और अब तक हुई आरपीएससी की भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कहा कि आरपीएससी में भ्रष्टाचार का तांडव हो रहा है। हमारी तो मत मानो, लेकिन आप अपने पायलट की तो मानो, जिन्होंने पैरों के छालों की कसम खाकर कहा था कि आरपीएएसी को भंग करना चाहिए। पेपरलीक और गड़बड़ियों के मामलों में जिनके दामन दागदार हैं, उन्हें हटाकर सीबीआई से जांच करवाएं।
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उन्होंने कहा कि सरकार के लिए भ्रष्टाचार और पेपरलीक तो बहस का मुद्दा ही नहीं रहा। तीन एजेंसियों ने सर्वे में भी पाया कि यहां बिना भ्रष्टाचार कोई काम नहीं होता है। इस सरकार के कार्यकाल में 18 पेपर लीक हो गए, 14 परीक्षाएं रद्द हो गई। 1 करोड़ से ज्यादा प्रत्याशी परीक्षा में बैठे, 400 करोड़ की फीस दी। प्रदेश में भ्रष्टाचार की गंगोत्री हर जगह बह रही है। यह पहली बार हुआ कि सचिवालय में फाइल की जगह नोट और सोना मिले।
‘आवाज को दबाने के लिए पुलिस ने की बर्बरता’
विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि पेपरलीक के खिलाफ जब भाजपा युवा मोर्चा ने आवाज उठाई तो पुलिस की बर्बरता देख अंग्रेजों की याद आ गई। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसाई गईं। क्या हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात भी नहीं रख सकते? आरपीएससी के जिन सदस्यों के भ्रष्टाचार में नाम आए हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। आरपीएससी को भंग किया जाए। यूपीएससी की तर्ज पर इसकी नियुक्तियां हों।
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‘अगला पेपर कौन सा लीक होने वाला है’
अशोक लाहोटी ने कहा कि रीट पेपरलीक में एसओजी की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा पेपरलीक में पकड़ा गया। कांग्रेस नेता गोपाल केसावत ईओ भर्ती परीक्षा में सलेक्शन के नाम पर लाखों रुपए लेते पकड़ा गया। उसके तार आरपीएससी सदस्य संगीता आर्य और मंजू शर्मा से जुड़नेे की बात सामने आ रही है। इन सबकी नियुक्ति प्रदेश के मुखिया ने की है। आरपीएससी चेयरमैन वही व्यक्ति है, जो तीन साल से राजस्थान के मुखिया की सुरक्षा कर रहा था। केसावत के पकड़े जाने के बाद कुछ कहने की जरूरत नहीं रह गई है। एसीबी ने गोपाल केसावत की रिमांड तक नहीं मांगी, लेकिन जब मामला उछला तो जेल जाने के बाद रिमांड पर लिया गया। क्या सरकार की शह के बिना ऐसा संभव है? लाहोटी ने कहा कि राजस्थान का नौजवान पूछ रहा है कि ब्रह्मप्रकाश कौन है? यह कांग्रेस दफ्तर में बैठता है। इसके तार एआईसीसी से भी जुड़ रहे हैं। राजस्थान का युवा पूछ रहा है कि अगला पेपर कौन सा लीक होने वाला है?
‘सरकार बताए जारोली कहां है’
देवल विधायक नारायण सिंह देवल ने कहा कि रीट के नाम पर लाखों युवाओं के साथ चीट हुई, लेकिन सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डी.पी. जारोली को गिरफ्तार तक नहीं किया। वह भी इस केस में मुल्जिम है। सरकार बताए कि आखिर जारोली कहां है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
Published on:
20 Jul 2023 11:10 am
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