
जयपुर। प्रदेश सहित देशभर में कैश की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए अब सरकार पुख्ता इंतजाम करती नजर आ रही है। एटीएम में कैश की किल्लत को लेकर सवालों से घिरी सरकार अब सचेत हो गई है। सरकार द्वारा न केवल एटीएम में कैश की किल्लत को दूर करने के उपाए, बल्कि आगे इस तरह की समस्या नहीं आए इसके लिए भी उपाय किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने अभी से पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। अब आरबीआई के सभी रीजनल ऑफिस हर माह अपने क्षेत्र में बैंक और एटीएम में कैश की मांग और सप्लार्इ का आंकलन करेंगे और इसकी रिपोर्ट भेजेंगे।
इसके अलावा फाइनेंशल इंटेलिजेंस यूनिट करीब 2166 ऐसे एटीएम सेंटरों की जांच करेगी जिनमें पिछले दिनों सबसे ज्यादा कैश निकाला गया है। एफआईयू अब यह जांच करेगी कि किन लोगों ने इन एटीएम सेंटरों से ज्यादा निकासी की। इसके पीछे कारण क्या था और क्यों इतना कैश निकाला गया?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मदद से होगा काम
इस जांच में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी एफआईयू की मदद करेगा। सूत्रों की माने तो सरकार को आशंका है कि कैश की डिमांड जरूर बढ़ी है, लेकिन साथ में कुछ इस तरह का खेल खेला गया जिससे एटीएम में कैश की किल्लत हो जाए। यही कारण है कि सरकार अब इस बारे में पूरी जांच के साथ रिपोर्ट चाहती है ताकि असली कारण बाहर आ सकें। सरकार की उन लोगों पर पैनी नजर बनी हुई है जो मोटी रकम बैंक से लगातार निकाल रहे हैं। इनपर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की भी नजर है।
राजस्थान के ये जिले रहे प्रभावित
राजस्थान के नागौर, सीकर, बूंदी, दौसा, झालावाड़, बांसवाड़ा, श्रीगंगानगर सहित दर्जन भर जिलों सहित देश में दिल्ली-एनसीआर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत कई राज्यों में एक बार फिर नोटबंदी जैसा नकदी संकट देखने को मिल रहा है। अक्षय तृतीया पर शादी विवाह के अबूझ मुहूर्त के कारण यह समस्या और विकट हो गई थी। इन राज्यों के कई शहरों में या तो एटीएम से पैसे नहीं निकले या बैंकों से लोगों को वापस लौटना पड़।
Published on:
21 Apr 2018 03:47 pm
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