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कम उम्र में कॉर्डियक अरेस्ट से बढ़ती मौतें, डॉक्टरों का मानना: बिगड़ती लाइफ स्टाइल जिम्मेदार

कार्डियक अरेस्ट होने वाली मौतों ने लोगों को डरा दिया है।

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Heart stroke

Heart stroke

जयपुर। कोरोना की चौथी लहर के बीच कार्डियक अरेस्ट होने वाली मौतों ने लोगों को डरा दिया है। प्रदेश में गुरुवार को एक डॉक्टर और एक टीचर की कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है की इन दोनों की उम्र 40 से लेकर 48 साल तक है। वही दोनों फिजिकली फिट नजर आ रहे थे। इसके बावजूद दोनों को कार्डियक अरेस्ट आया और उसकी वजह से दोनों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं ने डॉक्टरों को भी चौंका दिया है।

हालांकि डॉक्टर यह तो मान रहे हैं की कोरोना के बाद में कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। वहीं डॉक्टर का मानना यह है कि यह सब कोरोना की वजह से नहीं हो रहा है। क्योंकि अभी तक ऐसी कोई रिसर्च रिपोर्ट सामने नहीं आई है। जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोरोना की वजह से कार्डियक अरेस्ट के केस बढ़े हो।

डॉक्टरों का मानना है कि बिगड़ती लाइफस्टाइल इसका मुख्य कारण है। वर्तमान समय में लोगों की लाइफ स्टाइल बिगड़ चुकी है। लोग अधिकांश रूप से बाहरी खान-पान पर निर्भर हो चुके हैं। इसके साथ ही स्मोकिंग युवाओं के लिए एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है। जो शरीर के लिए बहुत घातक है। लोगों को अपनी लाइफ स्टाइल पर ध्यान देना चाहिए। लोगों को कोशिश करनी चाहिए की बाहरी खानपान कम से कम करें। इस तरह घर में बना हुआ खाना खाएं। उसमें भी तेल ज्यादा नहीं हो। लोगों को ज्यादा व्यायाम भी नहीं करना चाहिए, हल्का-फुल्का व्यायाम करना चाहिए।

बता दें कि एसएमएस हॉस्पिटल के डॉक्टर नितिन पांडे का गुरुवार को कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया था। 48 साल के डॉ पांडे फिजिकल तौर पर फिट नजर आते थे। लेकिन इसके बाद भी अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे मामले में कोटा में कोचिंग में जाते समय टीचर सौरभ सक्सेना की मौत हो गई। 40 वर्षीय सौरभ जब बाइक चला रहे थे तो इस समय उनके हार्ट अटैक का दौरा आ गया। राहगीरों ने जब उन्हें अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इनका कहना है..

यह बात सही है की कोरोना के बाद में कार्डियक अरेस्ट से युवाओं की मौत के मामले बढ़े हैं। कोरोना को लेकर इस संबंध में रिसर्च भी की जा रही है।लेकिन अब तक रिसर्च में ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया है। जिससे यह कहा जा सकता है कि यह मौतें कोरोना के कारण हो रही है। लेकिन यह कहा जा सकता है की बिगड़ती लाइफ स्टाइल इसका एक मुख्य कारण है जिसकी वजह से कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़े हैं। इसके अलावा कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

डॉ दीपक माहेश्वरी
कॉर्डियोलॉजिस्ट, एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर