
युवाओं में बढ़ते हार्ट एटैक चिंता का कारण
नई दिल्ली. हृदय रोग और हार्ट एटैक्स सबसे अधिक प्रचलित गम्भीर स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके कारण दुनियाभर में लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में हुए अनुसंधान के अनुसार हृदय रोग में दुनिया में जितने पीडि़त व्यक्ति हैं, उनमें से लगभग 50-60 फीसदी हमारे देश में हैं। पिछले कुछ वर्ष और महिनों में देशभर के हॉस्पिटल्स ने अपने इमर्जन्सी वॉर्डस में हार्ट एटैक्स के मामलों में 15 से 20 फीसदी बढोतरी दर्ज की है। डॉ. अनिश चंदराना, सिनियर इंटरवेंशनल कार्डिओलॉजिस्ट, मरेंगो सिम्स अस्पताल ने बताया कि खाने की गलत आदतें, वनस्पती पर आधारित सबऑप्टिमल आहार, नींद का अपर्याप्त होना और उसकी कम गुणवत्ता, रात में लम्बे समय तक काम करना इन सब पहलूओं के कारण युवा भारतीयों में हृदय रोगों में बढ़ोतरी हो रही हैं। स्थिर हृदय रोग विशेष रूप से एथेरोस्क्लेरोसिस से होता है, यह ऐसी स्थिति हैं जिसमें धमनियों में प्लाक से गांठें बन जाती हैं। युवाओं में एथेरोस्क्लेरोसिस और हृदय रोग के जोखीम होनेवाले कई कारण हो सकते हैं तथा उसमें उच्च रक्त चाप (हाय बीपी), गलत कोलेस्टेरॉल का अधिक अनुपात और अच्छे कोलेस्टेरॉल का कम अनुपात, धुम्रपान, मोटापा, डायबेटीस, समय के पहले हृदय रोग की पारिवारिक पृष्ठभूमि सम्मीलित होती हैं। हृदय रोग और हार्ट एटैक्स के प्रतिबन्ध के लिए युवा वयस्कों को समझना चाहिए कि इस खतरनाक रोग के लिए कोई समय सीमारेखा या सुरक्षित उम्र नही है। हृदय रोग के रोकथाम के लिए तनाव का प्रबन्धन और उससे तालमेल भी बहुत महत्ववपूर्ण है। सही प्रबन्धन और शुरूआती सहायता से लोगों के जीवन सुरक्षित रह सकते हैं।
Published on:
12 May 2023 12:42 am
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