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नमक की वादियों में दौड़ेंगी हाईस्पीड ट्रेन, अमरीका-जापान में ऐसे ट्रेक

फुलेरा—जोधपुर रेलमार्ग पर बन रहे देश के पहले रेलवे टेस्ट ट्रेक निर्माण कार्य ने अनलॉक में गति पकड़ ली है। पिछले दिनों लॉकडाउन के कारण रेलवे ट्रेक का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब कोविड गाइडलाइन की पालना के साथ ट्रेक का निर्माण किया जा रहा है।

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india first train trial track in sambhar lake

मोतीराम प्रजापत /चौसला. फुलेरा-जोधपुर रेलमार्ग पर बन रहे देश के पहले रेलवे टेस्ट ट्रेक निर्माण कार्य ने अनलॉक में गति पकड़ ली है। पिछले दिनों लॉकडाउन के कारण रेलवे ट्रेक का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब कोविड गाइडलाइन की पालना के साथ ट्रेक का निर्माण किया जा रहा है। विश्वविख्यात खारे पानी की सांभर झील किनारे गुढ़ासाल्ट से ठठाना मीठड़ी तक अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, चीन व जापान की तर्ज पर यह ट्रायल ट्रेक बनाया जा रहा है। यहां 200 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से हाईस्पीड ट्रेनें, रेग्युलर, गुड्स वैगन ट्रायल दौड़ सकेंगे।

ट्रेक का निर्माण कार्य रिसर्च डिजाइन एंड स्टैण्डर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) लखनऊ द्वारा किया जा रहा है। पहले फेज में फरवरी 2019 में गुढ़ासाल्ट से शुरु हुआ। जहां 10—12 फीट ऊंचा एवं 15 किमी. मिट्टी का गोला बनाकर 5 किमी. तक गोले पर कंक्रीट बिछा दी गई है। ट्रेक पर कुल 76 छोटे और 9 बड़े पुल का निर्माण होना है।

रेलवे ने मंजूर किए थे 353 किरोड़ रुपए
इस ट्रेक की स्वीकृति 2018—19 रेलवे की बजट घोषणा में हुई थी। अधिशासी अभियंता जोराराम मीणा ने बताया कि योजना के तहत गुढ़ासाल्ट से ठठना मीठड़ी के बीच ट्रेक के लिए रेलवे को 353 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे, लेकिन बाद में और बजट की सौगात दी गई।

फिर चमकेगा राजस्थान का नाम
सांभर झील किनारे ट्रायल ट्रेक बनने से भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। जहां हाईस्पीड ट्रेनों के लिए परीक्षण ट्रेक है। वर्तमान में अमेरिका, चीन, जापान, आॅस्ट्रेलिया व जर्मनी जैसे देशों में ये सुविधा उपलब्ध है। इससे राजस्थान का नाम एक बार फिर विश्व स्तर पर चमकने वाला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे दिसम्बर 2021 तक ये ट्रेक बनाकर तैयार कर देगा।

बनेगी विश्वस्तरीय आधुनिक लैब
झील किनारे वर्षों पुरानी मीटर गेज लाइन थी। जहां पहले साधारण ट्रेनों की आवाजाही होती थी। जिस वजह से रेलवे ने इस जगह को चुना है। ट्रेक पर दो स्टेशन गुढ़ासाल्ट व ठठाना मीठड़ी को बनाए जाएंगे। जहां इंजन, बोगी व वैगन 200 किमी. रफ्तार से रन कर रुकेंगे। परीक्षण ट्रेक के साथ आधुनिक लैक भी स्थापित की जाएगी। ट्रेक निर्माण से आस—पास के गांवों के लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।

भारतीय रेल को मिलेगी रफ्तार
फुलेरा—जोधपुर रेलमार्ग पर विश्वस्तरीय ट्रायल ट्रैक बनने के बाद भारतीयों ट्रेनें हवा से बातें करती नजर आएगी। बता दें कि भारत में इस समय किसी भी ट्रेन के लिए परीक्षण टगेक नहीं है। जिस कारण ट्रेनों की स्पीड कम है। यहां ट्रैक बनने के बाद विदेशों की तर्ज पर हाईस्पीड ट्रेनें, रेग्युलर, गुड्स वैगन के ट्रायल किए जा सकेंगे।

और बजट बढ़ाया गया है
गुढ़ासाल्ट से ठठना मीठड़ी के बीच ट्रेक का निर्माण हो रहा है। वर्तमान में 31 पुलिया व मिट्टी का गोला बनाने का काम चालू है। इसके लिए पहले 353 करोड़ स्वीकृत हुए, बाद में और बजट बढ़ाया गया है।
जोराराम मीणा, एक्सईएन रेलवे