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भारतीय दिव्यांग संघ ने सालाना कैलेंडर किया लॉन्च

कोरोना काल के दौरान भयानक त्रासदी और बेरोजगारी के चलते हुए 2021 अंतत: समाप्त हो गया। इतनी विकट परिस्थितियों में भी अपनी इच्छाशक्ति और अपने हौंसले के दम पर भारतीय दिव्यांगों ने समाज के सामने अपने सालाना कैलेंडर लॉन्चिंग कर यह साबित कर दिया कि समय बदल गया है।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jan 25, 2022

भारतीय दिव्यांग संघ ने  सालाना कैलेंडर किया लॉन्च

भारतीय दिव्यांग संघ ने सालाना कैलेंडर किया लॉन्च



जयपुर।
कोरोना काल के दौरान भयानक त्रासदी और बेरोजगारी के चलते हुए 2021 अंतत: समाप्त हो गया। इतनी विकट परिस्थितियों में भी अपनी इच्छाशक्ति और अपने हौंसले के दम पर भारतीय दिव्यांगों ने समाज के सामने अपने सालाना कैलेंडर लॉन्चिंग कर यह साबित कर दिया कि समय बदल गया है। उन्होंने संदेश दिया कि अगर मन में आत्मविश्वास और सपनों को पूरा करने का जज्बा हो, तो किसी भी समय को परिवर्तित किया जा सकता है और कुछ भी कर दिखा सकते हैं। इसी भावना के साथ भारतीय दिव्यांग संघ का सालाना कैलेंडर सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रेम रतन डेगावत, समाजसेवी एक्ट्रेस शिखा पारीक,भारतीय दिव्यांग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद नारायण भार्गव और राजस्थान प्रभारी विष्णु कुमार मित्तल कि उपस्थिति में मंगलवार को पत्रिका गेट पर लॉन्च किया गया। लॉन्च कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद नारायण ने बताया भाररतीय दिव्यांग संघ हर साल संपूर्ण राजस्थान के दिव्यांगों को कैलेंडर मुफ्त में उपलब्ध कराता है, साथ ही संबंधित सभी सरकारी विभागों में भी कैलेंडर उपलब्ध कराया जाता है।

संस्कृत विश्वविद्यालय में रामानंदाचार्य जयंती मनाई
जयपुर। मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने जाति के परे जाकर हिंदू संस्कृति के उत्थान को एकजुट किया। उन्होंने आध्यात्मिक गणतंत्र की भावभूमि का निर्माण किया। इस आध्यात्मिक चेतना के महात्मा कबीर, रैदास, धन्ना, सैन और पीपा जैसी विभूतियों को प्रकट किया। यह बात मंगलवार को जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनुला मौर्य ने कही। वे विश्वविद्यालय में रामानंदाचार्य जयंती समारोह में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में रामानंद दर्शन पर शोध और अध्ययन की विशेष योजना बनाई जा रही है। इससे पूर्व कुलपति ने रामानंदाचार्य का दुग्धाभिषेक और आरती की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक व अधिकारी उपस्थित रहे।