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Indo-Pak border fencing : भारत- पाकिस्तान सीमा पर मार्च 2022 तक बाड़बंदी

Indo-Pak border fencing : भारत-पाकिस्तान (Indo-Pak border fencing) तथा भारत-बांग्लादेश सीमा (Indo-Bangladesh border) मार्च 2022 तक पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा में बाड़बंदी होगी। घुसपैठ रोकने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने यह निर्णय लिया है।

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Indo-Pak border

Indo-Pak border fencing

केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा ( Indo-Bangladesh border) और भारत-पाकिस्तान सीमा (Indo-Pak border fencing) पर बाड़ लगाने का काम मार्च 2022 तक पूरा लिया जाएगा।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की पाकिस्तान के साथ 2069.046 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से 2004.666 किलोमीटर पर बाड़ लग चुकी है। इसके अलावा 64.36 किलोमीटर पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है। भारत और बांग्लादेश की सीमा की लंबाई 3326.14 किलोमीटर है, जिसमें से 2803.013 किलोमीटर बाड़ लग चुकी है। शेष 169.64 किलोमीटर पर तारबंदी का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बाड़ लगाने का काम भारत-बांग्लादेश सीमा पर दिसंबर 2020 तक तथा भारत-पाकिस्तान सीमा पर मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। राय ने कहा कि भारत- चीन (china), भारत- नेपाल (nepal), भारत- भूटान और भारत- म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। एक पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि बाड़ लगाने का काम एक नियमित प्रक्रिया है। इस पर लगातार काम चलता रहता है। बाड़ की तार और खंबे मौसम के प्रभाव के कारण क्षतिग्रस्त होते हैं और इनको बदला जाता है। राय ने कहा कि भारत की सीमाएं रेगिस्तान, पहाड़, जंगलों, दलदली क्षेत्रों और नदी तटों से होकर गुजरती है। इससे तारबंदी लगाने का का काम कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि सीमा पर घुसपैठ रोकने का तारबंदी एक प्रमुख उपाय है।