
महामारी से अपने दम लड़ रहे उद्योग, लेकिन ऋण और उत्पादन ने बढ़ाई भविष्य की चिंता
जयपुर. कोरोना के कमरतोड वार से प्रदेश में चरमराया उद्योग जगत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर यों तो इस महामारी से लड़ रहा है। लेकिन इस जंग के बाद भविष्य में खराब आर्थिक परिस्थितियों की चिंता ने उसकी चिंता बढ़ा दी है। प्रदेशभर में खासतौर पर विनिर्माण क्षेत्र की इकाइयों में हालाता अधिक खराब होने की आशंका जताई जा रही है। राजधानी के सबसे बड़ी सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में विनिर्माण क्षेत्र की दर्जन भर से अधिक इकाइयों में कामकाज ठप हो गया है। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) जैसे बड़े संगठनों और स्थानीय उद्योग संघों ने सरकार से भविष्य के हालात को देखते हुए उद्योगों को ऋण जिम्मेदारियों, निर्यात प्रक्रिया में राहत के लिए मांग की है। संगठन का मानना है कि उद्योगों में आज के हालात का वास्तविक असर अप्रेल-मई तक दिखने लगेगा। इधर, उद्योग और श्रम विभाग ने भी औद्योगिक इकाइयों के लिए एडवायजरी जारी की हैं।
खुद सावधान, हर श्रमिक की जांच
राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों में सरकारी एडवायजरी की पालना के साथ ही उद्यमियों ने खुद ही बचाव के अन्य उपाय शुरु कर दिए हैं। श्रमिकों को मास्क पहनाने और नियमित हाथ धुलाई जैसे प्रावधान लागू किए हैं। इसके अलावा हर श्रमिक का तापमान मापने के बाद ही उसे काम करने दिया जा रहा है। उद्योग संगठनों का कहना है कि सेवा क्षेत्र में तो ‘वर्क फ्रॉम होम’ का उपाय कारगर हो सकता है,लेकिन विनिर्माण क्षेत्र में ऐसा करने से पूरा उत्पादन एक ही दिन में चरमरा जाएगा।
भविष्य के शिपमेंट रुके
कोरोना संक्रमण से पैदा हुए मौजूदा हालात में निर्यातकों के सामने बड़ी समस्या आ गई है। सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार अमरीका, यूरोप समेत विभिन्न स्थानों पर संक्रमण के विकट हालात के चलते हैंडीक्राफ्ट और गारमेंट के अप्रेल और मई तक के अधिकतर शिपमेंट रोक दिए गए हैं। जयपुर में ही दर्जनभर से अधिक ऐसी इकाइयों में कामकाज रुक गया है।
ब्याज अदायगी में 6-9 माह की छूट मिले
सीआईआई ने शुक्रवार को अपनी सिफारिशें जारी कर केन्द्र एवं राज्य सरकारों से विश्ेाषकर होटल और एविएशन क्षेत्र के लिए राहत मांगी है। संगठन ने कहा है कि इन उद्योगों के लिए ऋणों पर ब्याज अदायगी को छह से नौ माह तक स्थगित किया जाना चाहिए। लायसेंस, परमिट नवीनीकरण शुल्क और आबकारी जैसे करों में राहत मांगी है।
सरकार ने जारी की एडवायजरी
औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए सरकार के उद्योग विभाग और श्रम विभाग ने अलग-अलग एडवायजरी जारी की हैं। इनमें परिसरों को विसंक्रमित करने, श्रमिकों को हाथ धुलाई, सेनेटाइजर व मास्क का उपयोग के लिए पाबंद करने, लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाने और जिलों में स्थापित एसडीआरएफ के आइसोलेशन केन्द्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
इनका कहना है
गिर जाएगी के्रडिट
मौजूदा हालात में उद्योगों को बैंक ऋणों पर सहायता बहुत जरूरी है। अगर ऐसा नहींं हुआ तो ब्याज समय पर नहीं चुकाने के चलते के्रडिट रेटिंग एजेंसियां उनकी रेटिंग कम कर देगी, जिसका सीधा असर उनके निर्यात और साख पर पड़ेगा। सरकार को इस बारे में कदम उठाने चाहिएं।
नितिन गुप्ता, निदेशक सीआईआई- राजस्थान
सरकार रखे ध्यान
‘मौजूदा हालात में हम सरकार के हर निर्देश और एडवायजरी का पालन कर रहे हैं। करते रहेंगे। लेकिन उद्योग जगत पर भविष्य में पडऩे वाले असर को देखते हुए केन्द्र और राज्य सरकारों को विशेष पैकेज देने चाहिएं, ताकि उद्योगों को बंद होने से रोका जा सके।’
नीलेश अग्रवाल, महासचिव- सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
Published on:
21 Mar 2020 07:00 am
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