
किसानों की पहल : पन्द्रह सौ बीघा जमीन पर सामूहिक रूप से की तारबंदी
डयोढी. एक और जहां खेतों में तारबंदी को लेकर भाई- भाई आपस मे दुश्मन बन रहे हैं, आये दिन लड़ाई-झगड़ों की बातें सामान्य सी बात होने लगी है वही ग्राम पंचायत जोरपुरा में किसानों ने अनूठी पहल की है।
जोरपुरा पंचायत के बिजली ग्रिड स्टेशन व बीसलपुर पंप हाउस के आसपास के किसानों ने सामूहिक रूप से अपने खेतों में तारबंदी की जिससे किसानों को आवारा गोवंश व नील गाय से होने वाले फसलों के नुकसान से फसलों को बचाया जा सकेगा। ग्रामीण राजेश चौधरी व हैड कांस्टेबल जगदीश ढाका ने बताया की क्षेत्र में नील गायों व बेसहारा गोवंशो की तादाद को देखते हुए किसान सर्द बरी रात्रि में अपनी फसलों की निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर स्थानीय किसानों से बैठक आयोजित कर लगभग कुल 15 सौ बीघा भूमि क्षेत्र पर कुल लागत करीब 47 लाख रुपये की लागत से तारबंदी करने का फैसला किया। सभी किसानों ने सामूहिक सरोकार की भावना से एकत्रित होकर तारबंदी की।तारबंदी से किसानों की फसलें तो सुरक्षित रहेगी वहीं सर्द रातों मे किसानों को जागना नहीं पड़ेगा।
32 सौ रुपए प्रति बीघा की लागत आई
किसानों द्वारा सामूहिक तारबंदी में करीबन 3200 रू प्रति बीघा की लागत दर आई। कुल 1500 सौ बीघा से ज्यादा भूमि कवर की गई जिसने करीबन 47 लाख रुपए की लागत आयी है। ये राशि किसानों ने सामूहिक रूप से एकत्रित की है।
बिना अनुदान किया पूरा कार्य
राज्य सरकार ने जहां तारबंदी योजना के तहत अधिकतम 40 हजार रुपये तक खेतों में तारबंदी के लिए जारी किये जाने का प्रावधान है लेकिन जटिल प्रक्रिया व. योजना की धरातल पर जागरूकता की कमी के चलते ये योजना किसानों को अभी कोसों दूर से रही है। इसलिए किसानों ने अपने स्तर पर ही खर्च वहन कर खेतो में सामूहिक तारबंदी की है।
बेसहारा गोवंशों के लिए गोचर भूमि पर बनाए गए गेट
वही किसानों ने आवारा बेसहारा गोवंशो का ध्यान रखते हुए गोचर क्षेत्र की भूमि पर जाने वाले रास्ते पर गेट बनाये हैं जिससे गोवंश निकल सके व आसानी से गोचर क्षेत्र में विचरण कर सके। इस दौरान किसान राजेश भटेश्वर, श्योजीराम कुमावत, छोटूराम जाखड, कन्हैयालाल चौधरी, मोहनलाल, कज्जूराम, रतनलाल सहित कई किसानों ने खुशी जाहिर की है।
Published on:
25 Dec 2022 12:25 am
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