
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक युवती को सहेली के साथ रहने और अपनी इच्छा अनुसार काम करने के लिए पुलिस सुरक्षा में जयपुर भेजने के निर्देश दिए हैं, जिसने अपने परिजनों पर पिटाई और जबरन अन्यत्र शादी करवाने का आरोप लगाते हुए एक अधिवक्ता को सोशल मीडिया पर पत्र भेजा था।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ में स्वप्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान नारी निकेतन से युवती को पेश किया गया। पूछे जाने पर युवती ने अपने माता-पिता के हाथों कथित मारपीट के आरोपों को दोहराया। इन आरोपों के समर्थन में युवती ने तस्वीरें दिखाईं जिनमें चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं। हालांकि युवती ने कहा कि वह अपने माता-पिता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती है। उसने इच्छा जताई कि उसे सुरक्षित रूप से जयपुर भेजा जाए, जहां वह अपनी सहेली के साथ रहेगी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करेगी। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त, जोधपुर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि युवती को जयपुर में उस स्थान पर सुरक्षित पहुंचाया जाए जहां वह जाना चाहती है। युवती के मोबाइल नंबर पुलिस आयुक्त, जयपुर और जोधपुर दोनों को उपलब्ध करवाए जाए। कोर्ट में उपस्थित युवती के माता-पिता ने आशंका व्यक्त की कि उसे विजय नाम के व्यक्ति द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है, जो पहले से शादीशुदा है और उसके मौजूदा विवाह से दो बच्चे हैं। कोर्ट ने कहा कि पुलिस आयुक्त, जोधपुर के साथ-साथ पुलिस आयुक्त जयपुर यह सुनिश्चित करेंगे कि लड़की को कोई नुकसान न हो। गुड़ामालानी थानाधिकारी को युवती के शिक्षा संबंधी प्रमाण पत्र और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज उसके पिता के घर से एकत्र करने और उसे तुरंत युवती को उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
Published on:
21 Dec 2021 12:48 am
