
देवेंद्र शर्मा 'शास्त्री/ जयपुर। कहीं मुर्दे को जिंदा किया जा रहा है। कहीं मौत के बाद फिर मौत का खेल खेला जा रहा है। यह सब हो रहा है करोड़ों की बीमा राशि हड़पने के लिए। यूपी, हरियाणा, मध्यप्रदेश के बाद शवों पर नोटों का सौदा करने वाले गिरोह ने प्रदेश में भी पैर पसार लिए हैं। गिरोह ने 21 मृतकों को जिंदा बता बीमा करवा दिया। खुलासा होने पर बीमा कंपनियों की ओर से मामले भी दर्ज करवा दिए, लेकिन जिम्मेदार गिरोह के खुलासे को लेकर गंभीर नहीं हैं। वजह यह है कि खेल बिना मिलीभगत के नहीं खेला जा सकता।
जयपुर में पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाण, पुत्र ने किया सहयोग
फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने का एक मामला जयपुर शहर में भी हो चुका है। वर्ष 2019 में पुत्र के सहयोग से पिता ने अपना ही फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर बीमा कंपनी से सात लाख 70 हजार रुपए हड़प लिए। यह पैसा दोनों के संयुक्त बैंक खाते में जमा हुआ, लेकिन इसके कुछ समय बाद पुत्र ने फिर अपना बीमा करवाया तो उस समय दी गई सूचना में मामला पकड़ा गया। चित्रकूट थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
किसका करवाया पोस्टमार्टम
बांसवाड़ा में बीमा क्लेम उठाने के लिए बुजुर्ग की मौत के 20 दिन बाद उसकी दुर्घटना में मौत का मामला दर्ज करवा दिया गया। क्लेम दावे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी लगाई गई। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि किस शव का उस दौरान पोस्टमार्टम करवाया गया था।
आंगनबाड़ी में पकड़े गए मौत के फर्जी हस्ताक्षर
अजमेर के कोतवाली और क्रिश्चयनगंज थाने में फर्जी बीमा राशि उठाने को लेकर दर्ज दो मामलों की स्थिति देखें तो उनमें 8 लोगों की मौत की तिथि गलत बताई गई है। अजमेर निवासी किसनाराम की मौत के पांच, देवी सिंह की मौत के तीन, गोपाल माली की मौत के एक, लादूराम की मौत के दो माह बाद बीमा राशि के लिए आवेदन किया गया। अन्य मामलों में भी तीन से पांच माह बाद ही बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया गया है। इन मामलों में बीमा कंपनी की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों से मौत की स्थिति का पता किया तो इसका खुलासा हो गया। बीमा कंपनियों की ओर से इनमें से एक मामला वर्ष 2020 में और दूसरा इस साल जनवरी में करवाया गया है।
जांच पर सवाल
दोनों मामलों में पुलिस अब तक कोई खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर अब इन मामलों की जांच वहां के सीओ साउथ सुनील सिहाग को दे दी गई है। सिहाग का कहना है दोनों मामले में 7-7 व्यक्ति नामजद हैं। बीमा कंपनी ने अभी तक अपनी जांच की रिपोर्ट पेश नहीं की है। इसके लिए नोटिस भेजा गया है।
Published on:
18 May 2023 02:18 pm

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