
International Mine Awareness Day: हर साल 4 अप्रैल को भारत समेत विश्वभर में खदान व खनन जागरूकता के लिए 'अंतरराष्ट्रीय खदान जागरूकता दिवस' मनाया जाता है। यह दिन खदान में काम करने वालों और लोगों के बीच बारूदी सुरंगों के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से मनाया जाता है। खनन के जरिए ही कीमती चीजों का भण्डार हमें प्राप्त होता है इसलिए ये हर एक देश के लिए महत्वपूर्ण और इसमें काम करने वाले लोगों के लिए खास होता है। 8 दिसंबर 2005 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिन को मंजूरी दी गई थी। इस दिन का उद्देश्य बारूदी सुरंगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके उन्मूलन की दिशा में काम को आगे बढ़ाना है। इस दिन को भारत समेत विदेशों में भी "माइन एक्शन" बारूदी सुरंगों और खतरनाक क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें बंद करने के लिहाज से मनाया जाता है।
राजस्थान में खनन के दौरान हादसे और मौत के आंकड़े
अवैध खनन के 20 अगस्त 2020 में बारां जिले के अटरू में मिट्टी ढहने से 4 की मौत
सीकर जुलाई 2022 में खदान की खुदाई के दौरान कई मजदूर दबे, 2 शव बरामद
दौसा फरवरी 2022 में तीतरवाड़ा में अवैध खनन में मलबा गिरने से महिला की मौत
दौसा में ढिगारिया दिसंबर 2020 में अवैध बजरी की खान में दबने से 2 लोगों की मौत
जयपुर के हरमाड़ा में जुलाई 2022 को पत्थर गिरने से 36 वर्षीय कल्याण सहाय जाट और 26 वर्षीय महेन्द्र भील की मौत
भरतपुर के पहाड़ी में अक्टूबर 2022 में पहाड़ ढहने से दो मजदूरों की मौत हो गई। शव आठ घंटे के बाद बाहर निकाला गया।
अलवर के गोठड़ी गांव फरवरी 2022 में ट्रॉली पलट गई, चालक की मौत
नागौर मकराना में मई 2017 को खान ढह गई। तीन मजदूरों की जान चली गई
यह भी पढ़ें: जंगल छोड़ रिहायशी इलाकों में पहुंचे आदमखोर
राजस्थान को खनन से मोटा फायदा
प्रदेश में माइंस विभाग राजस्व अर्जन में हर साल रिकॉर्ड कायम कर रहा है। जनवरी 2022 तक विभाग ने 5572 करोड़ 96 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जो गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में करीब 836 करोड़ रुपए अधिक है। 2019-20 में 4579 करोड़ 09 लाख रुपए, 2020-21 में 4966 करोड़ 39 लाख राजस्व अर्जित किया गया था जबकि 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 6395 करोड़ 15 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया गया।
यह भी पढ़ें: 50 लाख से ज्यादा के सिक्के हो गए गायब, हर दिन गायब होते सिक्के बने हुए हैं मैजिक
प्रदेश में 25 लाख को रोजगार
एक मोटे अनुमान के अनुसार राज्य में खनन गतिविधियों से 6 से 8 लाख लोगों को प्रत्यक्ष व 22 से 25 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिल रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभाग द्वारा राजस्व बढ़ोतरी के बेहतरीन परिणाम मिले हैं।
2006 में पहली दफा मनाया गया
पहली बार "अंतरराष्ट्रीय खदान जागरूकता दिवस" 4 अप्रैल, 2006 को मनाया गया था। उसके बाद से हर साल एक नई थीम के साथ यह दिन मनाया जाता रहा है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य उन देशों में राष्ट्रीय खदान-कार्य क्षमता को स्थापित और विकसित करने में सहयोग प्रदान करना है जहां खदान के साथ ही विस्फोटक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इस दिन कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करके खदान जागरूकता दिवस मनाया जाता है। जिनमें खनन गतिविधि, खदान में काम करने के तरीके और लैंडमाइंस में होने वाले खतरों के बारे में लोगों को बताया जाता है।
यह भी है खतरा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तीन साल में अब तक प्रदेश भर में 42,399 मरीजों और मजदूरों ने सिलिकोसिस जांच के लिए आवेदन (पंजीकरण) कराया। इनमें जोधपुर से 10,311, सिरोही 5392, करौली 4770, भरतपुर से 3176, धौलपुर 2828, नागौर 2085, पाली 2028, उदयपुर से 1822 रजिस्ट्रेशन हुए हैं. इनमें से अब तक 27,560 सिलिकोसिस पीड़ितों (जीवित और मृतक) को सरकार की ओर से मुआवजा दिया गया है।
Updated on:
04 Apr 2023 12:17 pm
Published on:
04 Apr 2023 12:12 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
