
Iron and steel market: लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू
रीयल एस्टेट की डिमांड घटने तथा कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ने से स्थानीय लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू हो गई है। दो सप्ताह के दौरान ब्रांडेड सरिया की कीमतों में करीब 3000 रुपए प्रति टन निकल गए हैं। एंगल, चैनल, गर्डर एवं टी आयरन में भी 1000 रुपए प्रति टन की नरमी दर्ज की गई है। जानकारों के अनुसार पिछले एक पखवाड़े से सरिया कंपनियों में ग्राहकी कमजोर होने तथा रॉ मैटेरियल की आपूर्ति बढ़ जाने से कीमतों में मंदी का दौर बना हुआ है। इस बीच बाजार में रुपए की भारी तंगी के चलते रीयल एस्टेट की डिमांड भी कमजोर पड़ गई है। बिल्डरों द्वारा बनाए गए फ्लैटों की बिक्री कम होने से निर्माण कार्य की गति भी ठंडी पड़ गई है। यही कारण है कि मांग के अभाव में सरिया निर्माताओं ने फिनिश्ड् गुड्स के भाव घटा दिए हैं। कंपनियों की बिकवाली से एंगल के दाम भी घटाकर बोले जा रहे हैं। उधर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नई एवं पुरानी स्क्रैप 1000 रुपए प्रति टन घटाकर बेची जा रही है। इसे देखते हुए लोहा बाजार में और मंदी के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं।
इंडस्ट्री लंबे समय तक नुकसान उठाने में सक्षम नहीं
लोहा कारोबारी विनोद गुप्ता का कहना है कि लोहे की रोजाना कम-ज्यादा हो रही कीमतों के कारण इंडस्ट्री लंबे समय तक नुकसान उठाने में सक्षम नहीं है। एक सप्ताह में ब्रांडेड सरिया करीब 3000 रुपए प्रति टन सस्ता हो गया है, लेकिन यह भी तय है कि यह रेट ज्यादा दिन तक यह टिका नहीं रहेगा।
देश में की जा रही है लोहे की जमाखोरी
इस समय देश में लोहे की जमाखोरी हो रही है। यही वजह है कि लोहे की कीमतों में भारी भरकम बढ़ोतरी हुई है। उसके बाद भी कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। बीते कुछ दिन में लोहा लगभग तीन हजार रुपए प्रति टन सस्ता हो गया है, लेकिन यह भी तय है कि कुछ ही दिन में कीमतें फिर से बढ़ जाएंगी।
Published on:
18 May 2022 12:55 pm
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