
BIRTHDAY SPECIAL: कभी जयपुर में करते थे नुक्कड़ नाटक, आज बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी बना चुके हैं विशेष पहचान
जयपुर. शहर के गली—मोहल्लों में नुक्कड़ नाटक करते—करते इरफान एक दिन बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी अपनी एक खास पहचान बना लेंगे यह किसी ने नहीं सोचा था, खुद इरफान ने भी नहीं। 7 जनवरी को अपना 52वां जन्मदिन मना रहे इरफान के लिए ये सब इतना आसान नहीं था। जयपुर के परकोटा निवासी इरफान को घर में टीवी और सिनेमा तक देखने की इजाजत नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी नाटकों में भी दिलचस्पी होने लगी और यही शौक उन्हें रविन्द्र मंच तक ले गया।
रविन्द्र मंच पर इरफान ने कई नाटकों में अभिनय किया। यहां से वह दिल्ली के एनएसडी और वहां से ट्रेनिंग लेकर मुम्बई पहुंचे। एनएसडी से निकलने के बाद ही इरफान के संघर्ष की असल शुरुआत हुई। संघर्ष के दौर में आजीविका के लिए इरफान को कई पापड़ बेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
टीवी शोज और फिल्मों में छोटे—मोटे रोल करते—करते इरफान अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। करीब एक दशक तक बॉलीवुड में संघर्ष करने के बाद इरफान को पहचान मिली 2002 में। 2003 में आईं मकबूल और हासिल इरफान के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुईं और उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2011 में पद्मश्री से हुए सम्मानित
साल 2003 के बाद इरफान के करियर की गाड़ी निकल पड़ी और उन्होंने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी अपने एक्टिंग का जलवा बिखेरा। इरफान जुरासिक पार्क सीरीज की जुरासिक वर्ल्ड में भी अभिनय करते नजर आए। उनकी दमदार अदाकारी के लिए उन्हें 2011 में पद्मश्री से भी नवाजा गया।
कभी फिल्म देखने तक के पैसे तक नहीं थे
इरफान खान आज भले ही फिल्मों में काम करने के लिए मोटी फीस लेते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके पास फिल्म देखने के लिए पैसे तक नहीं होते थे। उन्होंनें हॉलीवुड फिल्म न्यूयॉर्क, आई लव यू और स्लमडॉग मिलेनियर समेत कई फिल्मों में काम किया। स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म आॅस्कर जीतने में भी सफल रही। पिछले साल इरफान को न्यूरो एंडोक्राइन नाम की बीमारी हो गई। जिसका इलाज इरफान खान न्यूयॉर्क में करवा रहे हैं।।
Published on:
07 Jan 2019 12:10 pm
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