
इशरत जहां केस : चार और पूर्व पुलिस अफसरों की आरोप मुक्ति की अर्जी
-अर्जियों पर अगली सुनवाई 21 सितंबर को
अहमदाबाद। इशरत जहां मुठभेड़ प्रकरण(Ishrat Jahan Encounter Case) में आरोपी गुजरात के चार और पूर्व पुलिस अधिकारियों(4Ex Police Officers) ने यहां इस मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत(CBI SpecialCourt) में आरोप मुक्ति अर्जी(Discharge Application) दायर की है। पूर्व पुलिस अधिकारियों जी.एल. सिंघल, तरुण बारोट, के.जी. परमार और ए. चौधरी की अर्जियों पर अदालत 21 सितंबर को अगली सुनवाई करेगी।
-दो मई को वंजारा और अमीन के मामले किए थे समाप्त
ज्ञातव्य है कि इससे पहले गत दो मई को अदालत ने राज्य सरकार से अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपी पुलिस अधिकारियों पूर्व आईपीएस डी.जी. वंजारा और पुलिस अधिकारी एन.के. अमीन के खिलाफ मामले समाप्त कर दिए थे।
-पिछले साल प्रभारी डीजीपी पांडेय को किया आरोपमुक्त
उससे भी पहले पिछले साल फरवरी माह में इसके एक अन्य आरोपी तथा प्रदेश के पूर्व प्रभारी डीजीपी पी पी पांडेय को भी अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था।
-ये थे मुठभेड़ में मरने वाले
-इशरत जहां: मुंबई के मुंब्रा इलाके की रहने वाली थी। कॉलेज में पढ़ रही 19 वर्षीय इशरत निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से थी। 2002 में पिता की मृत्यु के बाद सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर की इशरत घर में इकलौती कमाने वाली थी।
-प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख: नकली नोटों की तस्करी में शामिल था। इशरत का दोस्त था।
-अमजद अली राणा: पाकिस्तानी नागरिक था। उसके बारे में कभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई।
-जीशान जौहार: पाकिस्तानी नागरिक था। अमजद और जीशान की लाशों पर किसी ने भी दावा नहीं किया था।
-ये है मामला
अहमदाबाद में जून 2004 में मुंबई की 19 वर्षीय छात्रा इशरत जहां अपने पुरुष मित्र प्रणयेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख तथा दो पाकिस्तानी युवकों के साथ मारी गई थी। पुलिस का आरोप था कि ये सभी आतंकी संगठन लश्करे तैयबा की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए आए थे। बाद में सीबीआई ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए सात पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया तथा उनकी बाद में गिरफ्तारी भी हुई थी।
Published on:
31 Aug 2019 02:21 am
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