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इजरायल में भंग होगी संसद, साढ़े तीन साल में पांचवीं बार होंगे चुनाव

गठबंधन हुआ कमजोर: लैपिड बनेंगे कार्यवाहक प्रधानमंत्री!
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जयपुर

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Aryan Sharma

Jun 21, 2022

इजरायल में भंग होगी संसद, साढ़े तीन साल में पांचवीं बार होंगे चुनाव

इजरायल में भंग होगी संसद, साढ़े तीन साल में पांचवीं बार होंगे चुनाव

यरुशलम. इजरायल में साढ़े तीन साल में पांचवीं बार आम चुनाव होने जा रहे हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और उनके मुख्य गठबंधन सहयोगी यायर लैपिड द्वारा गठबंधन को स्थिर करने के अपने प्रयासों को सोमवार को छोड़ने के बाद नए चुनाव की स्थिति बन गई है। प्रधानमंत्री बेनेट के कार्यालय ने घोषणा की कि कमजोर गठबंधन को भंग कर दिया जाएगा और देश में नए चुनाव होंगे। सोमवार को बेनेट और लैपिड नेसेट (संसद) भंग करने के लिए सहमत हो गए। ऐसे में इजरायल में अक्टूबर के आखिर में चुनाव हो सकते हैं। पीएम बेनेट के साथ एक डील के तहत विदेश मंत्री यायर लैपिड कार्यवाहक (अंतरिम) प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सत्ता संभालेंगे।
एक साल पहले सत्ता संभालने के बाद से आठ पार्टियों के गठबंधन को एक साथ रखने के लिए बेनेट संघर्ष करते रहे हैं। पिछले दो माह में दलबदल बढ़ गया है। कई सदस्यों के साथ छोड़ने के कारण पिछले दो महीने के दौरान संसद में सरकार अल्पमत के करीब आ गई। कई हफ्तों से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि इजरायल का सत्तारूढ़ गठबंधन टूट सकता है। एक संयुक्त बयान में बेनेट और लैपिड ने अपने दलों के बीच गठबंधन को तोड़ने की जानकारी दी। इसमें कहा गया कि दोनों नेसेट भंग करने के लिए अगले हफ्ते एक विधेयक लेकर आएंगे और अक्टूबर में चुनाव होने की उम्मीद है।
पूर्व प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सत्ता से हटाकर सरकार बनाते समय बेनेट और लैपिड के बीच एक डील हुई थी, जिसके तहत मौजूदा विदेश मंत्री कार्यवाहक प्रधानमंत्री होंगे। अगर अगले हफ्ते बिल को मंजूरी मिल जाती है तो लैपिड कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालेंगे। ऐसे में अगले महीने इजरायल दौरे पर आ रहे अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन का स्वागत बेनेट के बजाय लैपिड करेंगे।

सहयोगी पार्टी की बढ़ गई थी नाराजगी
नेतन्याहू सत्ता में आने के लिए लगातार जोड़तोड़ में लगे हुए थे। वह गठबंधन में शामिल सांसदों को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। इजरायल की अरब पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी, लेकिन सरकार से नाराज चल रही थी। पार्टी का आरोप था कि फिलिस्तीनियों के इलाकों में यहूदियों को बसाया जा रहा है। नेतन्याहू के नेतृत्व वाले विपक्ष ने चेतावनी दी थी कि वह बुधवार को संसद को भंग करने के लिए अपना खुद का विधेयक पेश करेगा, लेकिन बेनेट और लैपिड ने उस विपक्षी कदम से पहले ही अपना फैसला बता दिया।

नेतन्याहू फायदे में... फिर से चुनाव पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता में वापसी का मंच भी तैयार कर सकता है, जो अब विपक्ष के नेता हैं। उनकी पार्टी फिर से सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभर सकती है।