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राजस्थान विधानसभा में उठा PM सम्मान निधि में घोटाले का मुद्दा, 13 हजार अपात्र लोगों ने उठा ली करोड़ों की राशि

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक ने पीएम किसान सम्मान निधि में घपले का मामला उठाया।

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सहकारिता मंत्री गौतम दक

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि में घपले का मामला उठा। मारवाड़ जंक्शन से विधायक केसाराम चौधरी ने सवाल करते पूछा कि क्या विधानसभा क्षेत्र मारवाड़ जंक्शन में भूमिहीन 13,860 व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि उठायी गई।

जिसके जवाब में मंत्री ने स्वीकार करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय में मारवाड़ जंक्शन में 13,858 अपत्र आवेदन पंजीकृत हुए। इनमें से 13,720 उन गांवों के निवासी ही नहीं है। इन अपात्र व्यक्तियों को 8 करोड़ 26 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। यह मामले 2019 से 2023 तक के है, सरकार दोषी को नहीं बख्शेगी। मामले में जांच करवाने के लिए पाली कलेक्टर को निर्देशित किया गया है।

विधायक का प्रश्न- क्या विधानसभा क्षेत्र मारवाड़ जंक्शन में भूमिहीन 13,860 व्यक्तियों द्वारा फ़र्ज़ी तरीक़े से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि उठायी गयी है? यदि हां, तो कितने वर्षों से व उनके खातों में कितनी राशि जमा संख्यात्मक विवरण सदन की मेज़ पर रखें।

मंत्री का उत्तर- विधानसभा क्षेत्र मारवाड़ जंक्शन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत कुल 13858 अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पंजीकृत हैं, जिन्हें योजना के तहत विभिन्न किश्तों के माध्यम से 826.66 लाख राशि का लाभ प्राप्त हुआ है।

प्रश्न- इन व्यक्तियों में से ऐसे कितने व्यक्ति हैं, जो उन गांवों के निवासी नहीं है? क्या सरकार उनकी जांच करवाने का विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्यों?

उत्तर- योजनान्तर्गत 13858 अपात्र व्यक्तियों में से 13720 व्यक्तियों के नाम ऐसे हैं जो उन गांवों के निवासी नहीं हैं। प्रकरण में जांच करवाने हेतु जिला कलेक्टर, पाली को निर्देशित किया गया है।

प्रश्न- क्या सरकार अपात्र व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से प्राप्त की गई राशि को वसूल करने का विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्यों?

उत्तर- योजनान्तर्गत अपात्र व्यक्तियों को किये गये भुगतान की वसूली का प्रावधान है। अपात्र व्यक्तियों से नियमानुसार राशि वसूल किये जाने हेतु संबंधित जिला कलक्टर को समय-समय पर निर्देशित किया गया है।

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