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नर्सरी की जमीन पर अवैध गतिविधियों व्यावसायिक के चलते जेडीए ने 8 को थमाए नोटिस

अजमेर रोड पर नर्सरी की बेशकीमती जमीन का मामला

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जयपुर

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Jyoti Patel

Jun 20, 2018

जयपुर. मास्टर प्लान दरकिनार कर नर्सरी की जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर जेडीए ने शिकंजा कस दिया है। अजमेर रोड, पुरानी चुंगी के आगे नर्सरी की जमीन पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को अवैध मानते हुए मंगलवार को 8 नोटिस थमाए।

जेडीए ने सभी को 7 दिन में गतिविधि बंद करने का अल्टीमेटम दिया है। जमीन पर काबिज व्यक्ति को चेताया कि नर्सरी की भूमि पर कोई गतिविधि नहीं चलेगी। निर्धारित समय में गतिविधि बंद नहीं की तो सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। यहां रेस्टोरेंट, मार्बल शोरूम व अन्य गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मास्टर प्लान में यह जमीन नर्सरी ओचार्ड के रूप में दर्शित है। जोधपुर हाईकोर्ट ने भी मास्टर प्लान की अशरक्ष: पालना करने के आदेश दे रखे हैं।

इन्हें थमाए बंद करने के नोटिस

कृष्णा स्टोन, मिनी पंजाब रेस्टोरेंट, अग्रसेन मार्बल एवं ग्रेनाइट, श्रीजी रियल एस्टेट, आरजे-14 रेस्टोरेंट, टॉक ऑफ द टाउन, पहाडिय़ा स्टोन व अंग्रेजी शराब की दुकान को नोटिस दिए गए हैं।

जोन ने भी माना अवैध गतिविधि

प्रवर्तन शाखा ने कुछ दिन पहले मौका मुआयना किया। इसके बाद जोन उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट एक दिन पहले मिली और दूसरे ही दिन नर्सरी की जमीन पर अवैध निर्माण व गतिविधि संचालित करने पर नोटिस थमाए गए।

एसीबी तक पहुंच चुका मामला

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस मामले की पत्रावली, अवाप्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की प्रति मंगा चुका है। अवाप्ति प्रक्रिया से मुक्ति के लिए प्रार्थना पत्र सौंपने वाले जगदीश शर्मा के दस्तावेज फर्जी होने का ही दावा कर दिया। इस बीच शिकायकर्ता ने इसे पुष्ट करने के दस्तावेज सौंपे, जो 8 बीघा जमीन से जुड़े थे। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई राजस्थान अरबन इम्प्रूवमेन्ट एक्ट 1959 की धारा 52 (52) के तहत अक्टूबर 1979 में शुरू हुई। नए भूमि अवाप्ति कानून की धारा 24 (2) केवल उन्हीं प्रकरणों पर लागू होती है, जिनमें भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही भूमि आवप्ति अधिनियम 1894 के तहत शुरू की गई हो।

यह है मामला

बहु उद्देशीय आवासीय वाणिज्यिक औद्योगिक सेक्टर-1 सी योजना के तहत राजस्व ग्राम सुशीलपुरा के खसरा संख्या 198 में 23 बीघा 10 बिस्वा जमीन अवाप्त की गई। करीब 8 बीघा जमीन खाली है। इसे अवाप्ति मुक्त कर योजना बसाने के लिए काबिज लोग सक्रिय हुए। हालांकि इस खेल में अभी तक सफलता नहीं मिली।