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आईटीआई पास, पाई 15 लाख की नौकरी

पढ़ाई में वे स्कूल से आगे नहीं निकल पाए, लेकिन हाथ का हुनर सीखकर नौकरी के मामले में डिग्रीधारियों से भी आगे निकल गए। तकनीकी हुनर ऐसा काम आया कि  नामी कंपनियां उन्हें लाखों रुपए का पैकेज दे रही हैं। हम बात कर रहे हैं उन युवाओं की जिन्होंने 8वीं या 10वीं की पढ़ाई के बाद सरकारी आईटीआई में तकनीकी प्रशिक्षण लिया और निजी क्षेत्र में काम करने लगे। 

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Moti ram

Jul 15, 2015

पढ़ाई में वे स्कूल से आगे नहीं निकल पाए, लेकिन हाथ का हुनर सीखकर नौकरी के मामले में डिग्रीधारियों से भी आगे निकल गए। तकनीकी हुनर ऐसा काम आया कि नामी कंपनियां उन्हें लाखों रुपए का पैकेज दे रही हैं। हम बात कर रहे हैं उन युवाओं की जिन्होंने 8वीं या 10वीं की पढ़ाई के बाद सरकारी आईटीआई में तकनीकी प्रशिक्षण लिया और निजी क्षेत्र में काम करने लगे।

अलवर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पढ़े ऐसे दर्जनों युवा हैं जिन्हें 15 लाख रुपए वार्षिक तक का पैकेज मिल रहा है।
आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को देश की नामी कम्पनियां नौकरी देने के लिए आ रही हैं।

आईटीआई के प्राचार्य पी के अग्रवाल ने कम्पनियों को पत्र लिखकर आगामी वर्ष में परीक्षा-परिणाम आने के बाद ही प्रशिक्षणार्थियों के लिए कैम्पस इन्टरवयू आयोजित करने को कहा है। अग्रवाल का दावा है कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार पाने के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। यहां खुद कंपनियां कैम्पस इंटरव्यू के लिए आती हैं।

कैम्पस इन्टरवयू में हुआ प्रतिभा का चयन
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में वर्ष 2014 में एक हजार से अधिक युवाओं का चयन हुआ। यहां 4 जून को लगे एक कैम्पस इंटरव्यू में ही 500 युवाओं को चयनित किया गया। यहां देश की नामी कम्पनियां आती हैं, जिनमें जिलेट, माउंट शिवालिक, हीरो मोटरकॉर्प आदि मुख्य हैं।

इनको मिला मोटा पैकेज
अलवर निवासी चमन लाल सोनी ने इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे मानेसर में बहुराष्ट्रीय कंपनी में सवा लाख रुपए प्रतिमाह वेतन ले रहे हैं। अलवर निवासी कपिल ने हाल में इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वह बेंगलुरू की नामी कम्पनी में डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह प्राप्त कर रहे हैं। यहीं से मशीनिस्ट कोर्स करने वाले प्रवीण शर्मा भिवाड़ी की नामी कम्पनी में सहायक प्रबंधक है। बीते 5 वर्षों में आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त चुके अनेक युवाओं को हीरो मोटोकॉर्प, होण्डा, यामाहा मोटर्स, बोश इंडिया, जिलेट इंडिया, टाटा एडवान्सड, हैवल्स इंडिया जैसी कंपनियां सीधे संस्थान से ले जा चुकी हैं।

यह कहते हैं अधिकारी
आईटीआई प्राप्त करने वाले युवाओं को अब रोजगार की समस्या नहीं है। पहले ही वर्र्षों में एेसे युवाओं को सही वेतन मिलने लगा है।
- पीके अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अलवर

राजकीय आईटीआई करने वाले युवाओं की नामी कम्पनियों में हमेशा ही मांग बनी रहती है। सरकारी स्तर पर बहुत सी वैकेंसी निकलती हैं।
- डॉ. तृप्ति जोशी, जिला रोजगार अधिकारी, अलवर