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झूले में विराजे जगदीश धणी, लक्खी झूलों का मेला 26 अगस्त को

गोनेर के श्री लक्ष्मी-जगदीश मंदिर का 15 दिवसीय झूला महोत्सव शुरू हो गया। लक्ष्मी-जगदीश महाराज, चार भुजानाथ बिहारीजी और सालिगरामजी की प्रतिमाओं का मंगल आरती के बाद पंचामृत अभिषेक कर नवीन लहरिए की पोशाक धारण करा कर जगमोहन में काष् ठ के झूलों में विराजित किया गया।

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झूले में विराजे जगदीश धणी, लक्खी झूलों का मेला 26 अगस्त को

झूले में विराजे जगदीश धणी, लक्खी झूलों का मेला 26 अगस्त को

जयपुर। सावन मास में अनेक स्थानों पर देवी-देवताओं के मेले और महोत्सव शुरू होते हैं। इसी कड़ी में गोनेर के श्री लक्ष्मी-जगदीश मंदिर (Goner temple) का 15 दिवसीय झूला महोत्सव शुरू हो गया। लक्ष्मी-जगदीश महाराज, चार भुजानाथ बिहारीजी और सालिगरामजी की प्रतिमाओं का मंगल आरती के बाद पंचामृत अभिषेक कर नवीन लहरिए की पोशाक धारण करा कर जगमोहन में काष् ठ के झूलों में विराजित किया गया। इस अवसर पर भगवान को घेवर का भोग अर्पित किया गया। जगदीश महाराज 15 दिन यानी भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष दूज तक गर्भगृह के बाहर झूलों में ही विराजमान रहेंगे। झूलों की सजाई झांकी के दर्शन करने के साथ श्रद्धालु सेल्फी ले रहे हैं। जगदीश महाराज के सावन शुक्ल एकादशी को आयोजित होने वाला लक्खी झूलों का मेला 26 अगस्त को आयोजित होगा।

15 से डिग्गी कल्याण मंदिर के पट रहेंगे बंद

जयपुर। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डिग्गी कल्याणधणी मंदिर में सावन मास की पूर्णिमा एवं पदयात्राओं तथा कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर के पट 15 से 22 अगस्त तक बंद रहेंगे। कार्यवाहक उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश जैन के आदेश के अनुसार डिग्गी पदयात्रा व पूर्णिमा के दौरान होने वाली दर्शनार्थियों की भीड़ एवं कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए मंदिर 15 से 22 अगस्त तक आम श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतया बंद रहेगा। इस अवधि के सेवारत पुजारी सेवा पूजा व आरती संबंधी कार्य पूर्व निर्धारित समयानुसार करंेगे। इस अवधि के दौरान ऑनलाइन दर्शनों की व्यवस्था रहेगी। मंदिर के मुख्य दरवाजे व वीआईपी दरवाजे पर ट्रस्ट अहलकार ताला लगाकर रखेंगे। निकास द्वार का उपयोग केवल ट्रस्ट कर्मचारियों व सेवारत पुजारियों के लिए होगा। इसके अलावा मंदिर के अन्य सभी दरवाजे बंद रहेंगे।


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