
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता चुने गए जयराम ठाकुर 27 दिसम्बर को हिमालच प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शामिल होंगे।
मंगलवार को गुजरात में विजय रुपाणी ने मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। गांधीनगर में भाजपा की छठी बार बनी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह भाजपा का शक्ति प्रदर्शन बन गया। शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित 18 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
आपको बात दें कि हिमाचल प्रदेश के मंडी में 1965 में जन्मे जयराम ठाकुर का राजस्थान से खास रिश्ता है। दरअसल जयराम ठाकुर का ससुराल राजधानी जयपुर में है। जयराम ठाकुर की पत्नी का नाम साधना ठाकुर है।
जयराम ठाकुर का विवाह 1995 में आरएसएस नेता रहे श्रीनाथ राव की बेटी साधना ठाकुर से हुई थी। साधना ठाकुर की शुरुआती पढाई अलवर जिले के खेरली कस्बे से हुई।
बाद में यह परिवार जयपुर में बस गया। जयपुर के झोटावाड़ा में रहने वाले राव परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार के दामाद के सीएम बनने की खबर के बाध परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि ठाकुर काफी खुशमिजाज व्यक्ति है। उनका अक्सर जयपुर आना होता है। वे पूरे परिवार के साथ घूमना पसंद करते है।
गुजरात में मोदी का रोड शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर एयरपोर्ट से लेकर समारोह स्थल तक रोड शो करके मानो 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए भी तैयारियों का आगाज कर दिया। विजय रूपाणी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्य मंत्रिमंडल में 11 पुराने मंत्रियों, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित कुल 20 मंत्रियों ने शपथ ली।
इनमे एक महिला मंत्री भावनगर की मेयर रही विभावरी दवे शामिल हैं। मंत्रिमंडल में पटेल-पाटीदारों का दबदबा दिख रहा है। साथ ही दलित चेहरे ईश्वरभाई परमार, ठाकुर चेहरा दिलीप ठाकुर, दो बड़े क्षत्रिय चेहरे प्रदीप सिंह जाडेजा व जयद्रथ परमार के साथ-साथ कोली समाज के पुरुषोत्तम सोलंकी एवं आदिवासी समाज से रमण पाटकर एवं गणपत वसावा को मंत्री बनाया गया है।
आहीर समाज से वासण भाई आहीर को भी लिया गया। मंत्रिमंडल में अमित शाह वह आनंदीबेन पटेल के विश्वस्त कौशिक पटेल तथा प्रदीप सिंह जाडेजा को शामिल करते हुए कोशिश की गई कि पाटीदार, ओबीसी तथा दलित आंदोलन के असर को कम करने के लिए उनके समाज से प्रभावशाली चेहरों को स्थान दिया जाए। ब्राह्मण समाज से महिला विभावरी दवे को मंत्री बनाया गया।
पाटीदार आंदोलन का केंद्र रहे सूरत के वराछा से कांग्रेस के पाटीदार चेहरे को मात देकर आए कुमार कनाणी को मंत्री बनाकर पुरस्कार दिया गया। इस बार कोली समाज ने नाराजगी के चलते भाजपा का साथ नहीं दिया, फिर भी उनकी नाराजगी कम करने के लिए कोली समाज से पुरुषोत्तम सोलंकी को मंत्री बनाया गया। वे केशु भाई पटेल की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इस तरह तीन क्षत्रिय, सात पाटीदार, 3 एसटी, 1 एससी और एक जैन यानी विजय रूपानी हैं7 शपथ ग्रहण समारोह करीब 40 मिनट चला। मंत्री परिषद की औसत आयु 57 वर्ष है।
Updated on:
26 Dec 2017 03:06 pm
Published on:
26 Dec 2017 03:03 pm
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