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निगरानी रख रहे एसीबी मुखबिर को पकड़ लिया था निगम अधिकारी ने

ग्रेटर निगम में रिश्वत का खेल : गिरफ्तार वित्तीय सलाहकार और दलालों से पूछताछ जारी

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jaipur

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जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ग्रेटर नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए चार माह से पड़ताल में जुटी थी। इस दौरान एसीबी टीम के मुखबिरों को नगर निगम के कुछ अधिकारियों से सामना भी हुआ। एक अधिकारी ने एसीबी मुखबिर को पकड़ कर बैठा लिया था। लेकिन एसीबी के आधिकारियों ने किसी परिचित के जरिए उसे छुड़वाया। आरोपी अधिकारी घूस बड़ी सतर्कता के साथ लेते थे। एसीबी के एएसपी बजरंग सिंह ने बताया कि वित्तीय सलाहकार (एफए) अचलेश्वर मीणा और एक अन्य अधिकारी पर एसीबी टीम नजर रखे हुए थी। नगर निगम के अन्य अधिकारी के घर रात करीब 10 बजे एसीबी टीम का सदस्य करीब 100 मीटर दूर से नजर रखे था। तभी अधिकारी खुद के घर के बाहर आया और एसीबी टीम के सदस्य को दूर खड़ा देखकर सिक्योरिटी गार्ड के जरिए बुला लिया और पूछताछ करने लगा। एसीबी टीम के सदस्य ने बिजली उपकरण सही करने का काम करने की बात कही। लेकिन अधिकारी बोलने लगा...हुलिए से तो बिजली का काम करने वाला नहीं लग रहा। उसने अपने कर्मचारियों को पकड़े गए सदस्य की कुंडली खंगालने के निर्देश दिए। तब किसी परिचित के जरिए एसीबी के सदस्य को बिजली कर्मचारी बताकर छुड़वाया।

बार-बार गाड़ी बदलता था एफए

एसीबी सूत्रों के मुताबिक, पकड़ा गया वित्तीय सलाहकार अचलेश्वर मीणा भी बड़ा सतर्क रहता था। वह घर से सरकारी गाड़ी में निकलता, लेकिन रास्ते में दो-तीन गाड़ी बदल लेता था। ऑफिस के बाहर अनजान व्यक्तियों को खड़ा नहीं रहने देता था। एसीबी टीम के सदस्य कई बार ऑफिस के बाहर खड़े रहते लेकिन आरोपी की नजर पड़ जाती तो उन्हें भगा देता था।

मौका तस्दीक करवाई

एसीबी टीम गिरफ्तार एफए अचलेश्वर मीणा और दलाल अनिल और धन कुमार जैन को नगर निगम के नजदीक एक रेस्टोरेंट पर ले गई। आरोपी यहीं बैठकर लेन-देन की बात किया करते थे। इसके अलावा अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।