6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुग्ध उत्पादक अब नहीं कर पाएंगे दूध में मिलावट, डेयरी के अधिकारी ऐसे रोकेंगे मिलावट का खेल

दुग्ध समितियों पर लगेंगे दूध की गुणवत्ता की जांच लिए संयंत्र, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

less than 1 minute read
Google source verification
file

file

देवेंद्र सिंह राठौड़/ जयपुर. दुग्ध समितियों पर अब दूध की गुणवत्ता की जांच हो सकेगी। इसके लिए वहां पर संयंत्र लगाए जाएंगे। यह डेयरी उपलब्ध कराएगी। इतना ही नहीं, डेयरी में डाइजेस्टर संयंत्र की भी स्थापना की जा रही है। इन सौगातों के लिए मंगलवार को आयोजित जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की आमसभा में बजट पारित किया गया हैं। इसको लेकर डेयरी के चेयरमैन ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि सभा में वर्ष 2021-22 के लिए 2109 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया है। इसमें से करीबन 1636 करोड़ रुपए दुग्ध उत्पादकों से दूध खरीद भगुतान के लिए रखे गए है। पूनिया ने बताया कि दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए 569 दुग्ध समितियों पर मिल्क एनालाइजर मय अडलट्रेशन टेस्टिंग सुविधा के लिए उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी होंगे।

पहली डेयरी जहां यह लगेगा संयंत्र

डेयरी में पांच करोड़ रुपए की लागत से डाइजेस्टर संयंत्र भी लगाया जा रहाहै। जोकि अभी ट्रायल मोड पर चल रहा है। यह वेस्टेज निस्तारण में उपयोगी साबित होगा। डेयरी अधिकारियों का दावा है कि यह पहली डेयरी है, जहां उक्त संयंत्र लगाया जा रहा है। डेयरी संघ ने सुरक्षा के मद्देनजर यहां बड़े कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। जहां 300 से ज्यादा कैमरों की कमांड होगी। यहां प्रशिक्षण केंद्र में एक वर्चुअल मीटिंग रूम भी तैयार किया जाएगा। डेयरी के उपप्रबंधक(प्रचार) अनिल कुमार गौड़ ने बताया कि सभा में प्रबंध संचालक चांदमल वर्मा ने उपलब्धियों से अवगत कराया। इसमें आरसीडीएफ के वित्तीय सलाहकार ललित कुमार, सहकारी संघ के उपरजिस्ट्रार सी एल बुनकर व डेयरी के कई अधिकारी मौजूद रहे।