
जयपुर. राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ ऑपरेशन व्रज प्रहार चलाने के निर्देश दिए हैं। एडीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि जिला पुलिस अपने-अपने क्षेत्र के गैंगस्टर, माफिया व हार्डकोर अपराधियों की 28 फरवरी से पहले हिस्ट्रीशीट खोलें। इसके बाद इन बदमाशों (हिस्ट्रीशीटर) की और इनकी बेनाम सम्पत्ति से जुटाई गई परिवार के नाम से चल-अचल सम्पत्ति की जानकारी एकत्र कर उसकी पत्रावली में शामिल करें। अचल सम्पत्ति की तस्दीक के लिए स्थानीय निकाय के अधिकारियों से तस्दीक करवाएं और अवैध अचल सम्पत्ति होने पर स्थानीय निकाय अधिकारियों के जरिए उसे ध्वस्त व अतिक्रमण मुक्त करवाएं। चल अचल सम्पत्ति हिस्ट्रीशीटर की वैध आय से सामंजस्य नहीं रखती है, तो संबंधित आयकर विभाग को कार्रवाई के लिए लिखित में अनुरोध करें।गौरतलब है कि हाल ही में डीजीपी उमेश मिश्रा ने गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधियों की अवैध सम्पत्ति की जानकारी जुटाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस से इस संबंध में प्रत्येक माह की 5 तारीख को पालना रिपोर्ट भी मांगी है।
तत्कालीन जनरल मैनेजर 6 फरवरी तक रिमांड पर
जयपुर. एसीबी ने राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, जयपुर (आरएसएलडीसी) के गिरफ्तार हुए तत्कालीन जनरल मैनेजर रवि मीणा को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 6 फरवरी तक एसीबी को रिमांड पर सौंपा है। अनुसंधान अधिकारी एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी रवि मीणा ने आरएसएलडीसी के तत्कालीन चेयरमैन नीरज के. पवन के नाम से बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि से दस लाख रुपए और एक अन्य फर्म के मुकेश गुप्ता से सात लाख रुपए की घूस ली थी। आरोपी मीणा से पूछताछ की जा रही है कि घूस की रकम का बंटवारा कैसे किया और रुपए किस-किस अधिकारी को दिए। गौरतलब है कि आरोपी रवि मीणा लेक्चरार है और डेपुटेशन पर आरएसएलडीसी में लगा था। लेकिन घूसकांड के बाद कोटा सरकारी कॉलेज में उसका तबादला हो गया था। एसीबी ने बुधवार को कोटा से जयपुर बुलाकर आरोपी रवि मीणा से पूछताछ की और फिर गिरफ्तार किया था।
Published on:
02 Feb 2023 11:54 pm
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