जयपुर. सीकर निवासी कविता यादव देवदूत बन गई। अस्पताल में वह भले जिंदगी की जंग हार गई लेकिन तीन लोगों को नया जीवनदान देकर चली गई। चिकित्सकों के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल में दो किडनियों का सफल ट्रांसप्लांट कर दो लोगों की जान बचाई गई। उसके हार्ट को आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में प्रत्यारोपित किया गया।
दरअसल, कविता यादव एनएम के तौर पर सीकर में ही कार्यरत थी। 21 मई को वह घर पर ही कार्य करते समय बेहोश होकर गिर पडी़ थी। परिजन उसे सीकर के ही एसके अस्पताल में लेकर गए। वहां से उसे सवाई मानसिंह अस्पताल में रैफर कर दिया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने उसके परिजनों से कविता के अंगदान की समझाइश की तो, वे मान गए। फिर उसके हार्ट को दिल्ली भेजा गया और किडनी को एसएमएस अस्पताल में ही प्रत्यारोपित किया गया।
टीम में यह रहे शामिल
-किडनी प्रत्यारोपित करने के लिए यूरोलोजी विभाग की दो टीम ने एक साथ काम किया। उसमें डॉ. शिवम प्रियदर्शी, डॉ. नचिकेत व्यास, डॉ. नीरज अग्रवाल, डॉ. संजीव जयसवाल, डॉ. गोविंद शर्मा, डॉ. सोमेंद्र बंसल, डॉ. रामदयाल साहू, डॉ. धर्मेंद्र जांगिड़ व एनेस्थेसिया विभाग से डॉ. वर्षा कोठारी, डॉ. अनुपमा गुप्ता, डॉ. सिद्धार्थ शर्मा व नर्सिंगकर्मी योगेंद्र, संतोष, अनीता व पिंकी का सहयोग रहा।
ग्रीनकोरिडोर बनाकर भेजा एयरपोर्ट
– चिकित्सकों ने बताया कि कविता के हार्ट को दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल के मरीज को प्रत्यारोपित किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली से एयरफोर्स के विशेष विमान से आर्मी अस्पताल के चिकित्सकों की टीम आयी थी। हार्ट को ग्रीन कोरिडोर बनाकर एसएमएस अस्पताल से एयरपोर्ट भेजा गया। वहा से एयरफोर्स के विशेष विमान से उसे दिल्ली ले जाया गया।