जयपुर। प्रदेशवासियों को इस बार जून माह में भी आसमान से बरसने वाले अंगारों से राहत मिलने वाली है।
प्रदेश में जून माह में भी गर्मी के तेवर नरम रहने का पूर्वानुमान है वहीं 4 जून को प्रदेश के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि की आशंका मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है। दूसरी तरफ प्रदेश में जून के पहले पखवाड़़े में ही मानसून पूर्व बारिश का दौर शुरू होने की भी संभावना है। जिसके चलते इस बार प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलना तय है।
बैक टू बैक 7 पश्चिमी विक्षोभ हुए सक्रिय
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में अब तक बैक टू बैक लगभग 7 पश्चिमी विक्षोभ सफल रहे हैं जिन्होने मौसम के मिजाज को पलट दिया है। मई जून माह में जहां दिन में पारा 40 से 45 डिग्री तक दर्ज होना चाहिए वह मई के अंत तक 40 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से अंधड़- बारिश ने नौतपा में भी पारे की बढ़ती रफ्तार पर मानों ब्रेक लगा दिए हैं। मौसम में आए बदलाव के असर से जून माह के पहले पखवाड़े में भी पारे का मिजाज नरम रहने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है।
10 जून से शुरू होगा मानसून पूर्व बारिश का दौर
प्रदेश में इस बार जुलाई माह में दक्षिण पूर्व मानसून की एंट्री होने की संभावना है। ऐसे में इस बार 10 से 15 जून के बीच प्रदेश में मानसून पूर्व बारिश का दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। जिसके चलते बीते दो माह से प्रदेश में नरम रहे गर्मी के तेवर जून माह में भी नरम रहने वाले हैं।
4 जून को ओलावृष्टि का अलर्ट
राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में आज सुबह मौसम ने पलटा खाया। कम वायुदाब क्षेत्र बनने पर जयपुर में अलसुबह मेघ बरसे और तेज रफ्तार से चली हवा के कारण पारे की बढ़ती रफ्तार थमने पर मौसम सुहावना रहा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में आगामी 4 जून को बारिश और भारी ओलावृष्टि की आशंका है।
कल खत्म होगा नौतपा, गर्मी रही कम
25 मई से शुरू हुआ नौतपा कल खत्म हो रहा है। नौतपा में इस बार पश्चिमी विक्षोभ ने खलल डाला और सूर्यदेव के तेवर भी नरम रहे। हालांकि मई पहले पखवाड़े में पारे का मिजाज कुछ दिन गर्म रहा लेकिन विक्षोभ से प्रदेश में बने साईक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने मानों गर्मी को धो डाला ओर मई माह में ही रेकॉर्ड बारिश दर्ज की गई धिकांश जिलों में पारा भी 40 डिग्री या उससे कम दर्ज किया गया है।